लोगों ने नगर परिषद और ठेकेदार के खिलाफ की नारेबाजी, प्रधान बोले- जांच करवाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। वार्ड नंबर 17 में ओल्ड कालका रोड से गाजीपुर को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कार्य वीरवार को अचानक रोक दिया गया। सड़क निर्माण के लिए लगाई जा रही इंटरलॉकिंग टाइलें वापस ले जाने पर स्थानीय निवासियों ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने नगर परिषद और ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की, साथ ही काम पूरा करने की मांग की। स्थानीय निवासियों ने बताया कि लंबे समय से कच्ची पड़ी इस सड़क को बनवाने के लिए काफी प्रयास किए गए थे। दो दिन पहले ही काम शुरू हुआ था, लेकिन वीरवार को अचानक रोक दिया गया। लोगों का आरोप है कि रात के समय करीब बीस से पच्चीस लोग दो से तीन ट्रालियों में टाइलें भरकर ले गए। टाइलें ले जाने वालों ने बताया कि ऊपर से आदेश मिलने के कारण ऐसा किया जा रहा है, क्योंकि टाइलों की गुणवत्ता ठीक नहीं है। इस पर निवासियों ने सवाल उठाया कि यदि टाइलों की गुणवत्ता खराब थी तो निर्माण कार्य शुरू करने से पहले जांच क्यों नहीं की गई। उन्होंने आधी सड़क बनने के बाद काम रोकने को दुखद बताया। निवासियों ने नगर परिषद के अधिकारियों और प्रधान पर मनमर्जी से काम करवाने तथा वार्डों के साथ भेदभाव करने के आरोप लगाए। उनका कहना है कि आम आदमी पार्टी के पार्षदों वाले वार्डों में ही विकास कार्य करवाए जा रहे हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में काम शुरू होने के बाद भी रोक दिया जाता है। बरसात के दिनों में कच्ची सड़क के कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
नई टाइलों की मांग और चेतावनी
सुबह जब दोबारा टाइलें उठाने के लिए ट्राली पहुंची तो स्थानीय निवासियों ने उसका विरोध किया। उन्होंने टाइलें ले जाने से रोक दिया। लोगों ने मांग की कि यदि टाइलों की गुणवत्ता खराब है तो पहले उनकी जगह नई टाइलें मौके पर रखी जाएं। इसके बाद ही पुरानी टाइलें उठाई जाएं। निवासियों ने निर्माण कार्य की निगरानी के लिए सुपरवाइजर नियुक्त करने की भी मांग की। उन्होंने टाइलों की गुणवत्ता की नियमित जांच करवाने की भी अपील की। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि करीब डेढ़ से दो किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पूरा नहीं किया गया तो वे इसका कड़ा विरोध करेंगे।
नगर परिषद प्रधान का बयान
नगर परिषद जीरकपुर के प्रधान गुरप्रीत सिंह विर्क ने कहा कि आरोप लगाना बेहद आसान है लेकिन हम ग्राउंड पर टीम भेजकर चेक करवा रहे हैं और मैं खुद इसे चेक करवाता हूं कि समस्या कहां पर आ रही है। जल्द ही काम सुचारु करवा दिया जाएगा। हम लोगों के लिए काम करते हैं और करते रहेंगे।
पार्षद ने जताई अनभिज्ञता
वार्ड नंबर 17 के पार्षद जसविंदर सिंह ने इस मामले पर अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि इस सड़क का काम कौन करवा है और ठेकेदार कौन है। निवासियों ने इस स्थिति पर भी नाराजगी व्यक्त की, जहां स्थानीय प्रतिनिधि को ही विकास कार्य की जानकारी नहीं है।