चंडीगढ़। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा रविवार को किसानों पर किए गए अपने एक ट्वीट की वजह से विवादों में घिर गए। हालांकि कुछ ही देर बाद उन्होंने ट्वीट को डिलीट कर दिया लेकिन विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया और भाजपा को किसान विरोधी करार दिया।जतिंदर पाल मल्होत्रा के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट में लिखा था कि किसान कुछ भी लेने के हकदार नहीं हैं लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने उन्हें 24420 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है। इसके अलावा भी केंद्र की योजनाओं का जिक्र किया और लिखा कि मोदी सरकार असली किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस पूरे ट्वीट में विवाद पहली लाइन पर खड़ा हुआ। ट्वीट चर्चा का विषय बन गया और विवाद बढ़ते देख मल्होत्रा ने ट्वीट डिलीट कर दिया।
उन्होंने कहा कि इसमें विवाद वाली कोई बात नहीं है। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा तो वह इस तरह की बातें कर रहे हैं। कहा कि भाजपा शुरू से ही किसानों के हित में कार्य कर रही है। आम आदमी पार्टी के पूर्व कन्वीनर प्रेम गर्ग ने मल्होत्रा के ट्वीट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा की फितरत ही यही है। किसान आंदोलन का दूसरा पड़ाव भी एक महीने का होने वाला है। किसानों को उनका हक नहीं दिया जा रहा।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की ने कहा कि मल्होत्रा का बयान निंदनीय है। यह बयान भाजपा की किसान विरोधी मानसिकता को साफ दर्शाता है। भाजपा को उन गरीब किसानों के प्रति थोड़ी सहानुभूति रखनी चाहिए जो इतनी मेहनत करते हैं लेकिन फिर भी उन्हें अपना उचित हिस्सा नहीं मिलता। लक्की ने कहा कि किसानों के खिलाफ ऐसी टिप्पणी के लिए भाजपा को सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।