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Chandigarh News: निगम सदन की बैठक में हंगामा... 46 में से 41 प्रस्ताव मिनटों में पास

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चंडीगढ़। नगर निगम सदन की वीरवार को हुई बैठक में हंगामे के साथ तीखी बहस हुई। बैठक में मुख्य, सप्लीमेंट्री और टेबल एजेंडा मिलाकर 46 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 41 प्रस्ताव महज कुछ ही मिनटों में बिना विस्तृत चर्चा के पारित कर दिए गए। सुबह सवा 11 बजे शुरू हुई बैठक के दौरान कई बार हंगामा और तीखी बहस होती रही। पिछली बैठक के मिनट्स की पुष्टि में ही काफी समय लग गया। इसी बीच शहर के दक्षिणी सेक्टरों की सफाई देख रही एजेंसी के एक्सटेंशन को लेकर विवाद बढ़ गया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि दोपहर करीब डेढ़ बजे मेयर सौरभ जोशी ने बैठक को लंच ब्रेक के लिए स्थगित कर दिया। उन्होंने पार्षदों को अलग से बातचीत के लिए अपने कार्यालय भी बुलाया। लंच के बाद दोपहर 2:40 बजे बैठक दोबारा शुरू हुई।
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बैठक में कई प्रस्तावों पर बहस और नोकझोंक हुई। कुछ प्रस्तावों को लेकर सहमति बनती-बिगड़ती रही, जिसके चलते कुछ को स्थगित तो कुछ को रद्द करना पड़ा। रायपुर कलां में इलेक्ट्रिक सैनिटरी वेस्ट इंसिनरेटर लगाने का प्रस्ताव टाल दिया गया जबकि बागवानी कचरा प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के मुद्दे पर वोटिंग करानी पड़ी। इसमें 7 पार्षदों ने समर्थन और 5 ने विरोध में वोट दिया।

बैठक के अंत में आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने बिना चर्चा प्रस्ताव पारित करने पर कड़ा विरोध जताया। इस पर कांग्रेस और भाजपा पार्षदों ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि आप पार्षद विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। देखते ही देखते सदन में हंगामा शुरू हो गया और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। इस पर मेयर सौरभ जोशी ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव इन एंटीसिपेशन के तहत पारित किए गए हैं।
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महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत गरमाई
बैठक की शुरुआत से ही महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत गरमाई रही। भाजपा की महिला पार्षदों ने इसके लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया जबकि कांग्रेस पार्षद तख्तियां और बैनर लेकर विरोध में उतर आए। महिला आरक्षण पर गुमराह करना बंद करो.. जैसे नारे लगाते हुए पार्षद सदन के वेल में पहुंच गए। हंगामे के बीच मेयर ने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर टेबल एजेंडा लाकर विस्तार से चर्चा की जाएगी, जिसके बाद स्थिति कुछ हद तक शांत हुई।
शहर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। कांग्रेस पार्षद तरुणा मेहता ने कहा कि शहर अंधेरे में डूबा हुआ है। इस पर नगर निगम कमिश्नर ने टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर काम शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मेयर ने एजेंसियों पर सख्त रुख अपनाते हुए 15 दिनों में काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। साथ ही अधिकारियों से ब्लैकलिस्ट एजेंसियों की रिपोर्ट मांगी और अगली बैठक में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।
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