किरण चौधरी: स्पीकर महोदय, ये गलत बात है, मैं उन जवानों का मुद्दा उठा रही हूं और मिस्टर विज राजनीति कर रह हैं।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा: मुझे तो दिख रहा है, जब से विज गृह मंत्री बना है, इनका चेहरा-मोहरा दोनों ही बदल गया है। यदि हमारी सरकार में जवान हटे थे, तब तो आप नहीं बोले, कोई मुद्दा नहीं उठाया?
अनिल विज: मैंने उस वक्त उठाया था ये मुद्दा, सब जानते हैं मैं बोलता था तो मुझे उठाकर सदन से बाहर करवा दिया जाता था। आप तो सदन में तानाशाह रवैया रखते थे (इस शब्द पर कांग्रेसियों ने खूब हंगामा किया)। खासकर, मुझे तो बोलने ही नहीं देते थे।
हंगामा बड़ा तो बोले स्पीकर ज्ञानचंद चंद: देखिए दोनों तरफ विधायक आराम से सीट पर बैठ जाइए, इस तरह सदन नहीं चलता, सदन की गरिमा बनाए रखें, यूं हंगामा न करें...आप बोलिए किरण जी।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा: उस वक्त का रिकॉर्ड निकालकर देख लो, पता चल जाएगा कि विज इस मुद्दे पर क्या बोले थे, ये क्यों निकालेंगे रिकॉर्ड, इन्हें तो सब मालूम हैं। अगर जवान हट गए, तो आप बताओ, आपने उनके बारे में क्या किया।
किरण चौधरी: स्पीकर साहब उन जवानों के रोजगार पर तलवार लटक रही है, मैं उनकी आवाज उठा रही हूं और मुझे जानबूझकर बोलने नहीं दिया जा रहा है
उठे मनोहर, जबाब दे शांत कराया हंगामा
इस हंगामे के बीच सीएम मनोहर लाल ने मोर्चा संभाला और इस मामले में जवाब देते हुए सभी को शांत करवाया। सीएम ने कहा कि इस मामले में राजनीति करना बहुत शर्मनाक है। कांग्रेस यदि इतनी ही फिक्रमंद थी, तो उन जवानों को पक्का करने की हिम्मत करती। कांग्रेस जानती थी कि उन जवानों को बिना नीति पक्का करना संभव नहीं था। इसलिए उन्हें हटा दिया गया।
वे जानते हैं कि ये जवान पक्के नहीं हो सकते, फिर भी इस मसले पर राजनीति कर रहे हैं। लगता है ऐसा कर कांग्रेसी उन जवानों की सहानुभूति बटोरना चाहते हैं। हमारी सरकार कभी झूठा वादा नहीं करती, जो संभव होता है, हम वे जरूर करते हैं।