चंडीगढ़। नगर निगम सदन की बैठक में मंगलवार को एक बार फिर अनिल मसीह को लेकर जमकर हंगामा हुआ। आम आदमी के पार्षद मुनव्वर ने अनिल मसीह पर टिप्पणी की जो भाजपा पार्षदों को नागवार गुजरी। सभी भाजपा पार्षद वेल में आ गए और मुनव्वर से माफी की मांग करने लगे। हंगामा बढ़ते देख मेयर ने मार्शल बुला लिए। इस बीच काफी धक्का-मुक्की हुई। पार्षद सौरभ जोशी को चोट लग गई। हंगामा इतना बढ़ गया कि मेयर को सदन की कार्यवाही रोकनी पड़ी।
30 जनवरी को हुए चंडीगढ़ मेयर के चुनाव में आप-कांग्रेस गठबंधन के 8 वोट खारिज कर चुनाव के पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह चर्चा में आए थे। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था और भाजपा और मसीह की काफी किरकिरी हुई थी। इस घटना के बाद मंगलवार को मनोनीत पार्षद अनिल मसीह फिर से सदन की बैठक में नजर आए। सदम की बैठक में सबकुछ सामान्य चल रहा था। शाम करीब 4 बजे एक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मनोनीत पार्षद मसीह खड़े हुए और अपनी बात रखने लगे। इसी बीच आप पार्षद मुनव्वर भी खड़े हुए और कहा कि इन्होंने (मसीह) सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि इनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में यह क्यों राय दे रहे हैं। इस पर भाजपा के पार्षद खड़े हुए और कहा कि सदन में निजी टिप्पणी नहीं की जा सकती। सौरभ जोशी ने विरोध जताया और मेयर के पास जाकर मुनव्वर से शब्द वापस लेने और माफी मांगने की मांग की।
मेयर ने कहा कि आप पार्षद की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाएगा लेकिन भाजपा पार्षद नहीं माने। सभी इकट्ठे होकर वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। हंगामा बढ़ते देख मेयर ने मार्शल बुला लिए। भाजपा के कंवरजीत राणा ने कहा कि हर बार मेयर की तरफ से अपनी शक्तियों का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता। वो बाहर नहीं जाएंगे। सभी पार्षद मानव शृंखला बनाकर सदन में बैठ गए। मार्शलों ने बहुत कोशिश की लेकिन दो पार्षद को ही बाहर ले जा पाए। सीनियर डिप्टी मेयर कुलजीत संधू को मार्शलों ने खींचा। काफी धक्का-मुक्की हुई। सौरभ जोशी को भी बाहर खींचा गया। इस बीच उन्हें चोट लग गई। हालात बिगड़ते देख 4.25 बजे मेयर ने राष्ट्रगान बजाकर बैठक खत्म करने के आदेश दिए।