चंडीगढ़। सेक्टर-5 में कोयला कारोबारी कुलदीप सिंह मक्कड़ के घर पर फायरिंग का मामला फिर सुर्खियों में है। एनआईए ने गोलियां चलाने वाले शूटर गुरविंद्र सिंह लाडी व काशी सिंह उर्फ हैप्पी और पनाह देने वाले गगनदीप सिंह उर्फ गोल्डी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया है। इन्हें सीबीआई अदालत में पेश कर एनआईए ने दो दिन के रिमांड पर लिया है। इस मामले में चार दिन पहले ही सीबीआई अदालत ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को भगोड़ा करार देते हुए उस पर 10 लाख का इनाम घोषित किया है।
इस मामले में गिरफ्तार काशी सिंह, गुरविंद्र सिंह और गगनदीप सिंह का मोबाइल जांच के लिए सीएफएल भेजा गया था। सूत्रों के मुताबिक जांच में गोल्डी बराड़ के शूटरों के मोबाइल में आतंकी गतिविधियां पाई गई हैं। सीएफएल ने मोबाइल चैटिंग के डिलीट डाटा को रिकवर कर लिया है। सीबीआई कोर्ट में आरोपियों को पेश करने के दौरान जांच टीम ने कहा कि सीएफएल की रिपोर्ट के बारे में पूछताछ की जानी है। हालांकि, आरोपियों के अधिवक्ताओं ने इसका विरोध किया लेकिन अदालत ने दो दिन का रिमांड मंजूर किया।
बता दें कि जनवरी 2024 में मक्कड़ ब्रदर्स के घर पर फायरिंग हुई थी। इस समय कुलदीप सिंह मक्कड़ अपने घर में सो रहे थे। इससे पहले मक्कड़ को विदेशी नंबर से फोन आया था और बातचीत करने वाले ने खुद को गैंगस्टर गोल्डी बराड़ बताते हुए दो करोड़ की रंगदारी मांगी थी। बाद में दोबारा फोन कर आरोपी ने तीन करोड़ की डिमांड की थी। फायरिंग के मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच टीमों ने सबसे पहले मोहाली जिले के मुल्लांपुर के नजदीक गांव करतारपुर निवासी गुरविंद्र सिंह उर्फ लाडी को गिरफ्तार किया, जिसने रिमांड के दौरान कई खुलासे किए। इसके बाद जांच टीमों ने एक-एक कर मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें लाडी के अलावा शुभम कुमार गिरि उर्फ पंडित, सरबजीत उर्फ शरभू, अमृतपाल उर्फ गुज्जर, कमलप्रीत सिंह, काशी सिंह उर्फ हैप्पी, प्रेम सिंह और गगनदीप सिंह उर्फ गोल्डी शामिल हैं। इस मामले की जांच गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंप दी थी, जिसके बाद इन आरोपियों का कोर्ट से रिमांड लेकर पूछताछ की गई थी।