चंडीगढ़। इन दिनों विभिन्न विश्वविद्यालयों में अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज के लिए विद्यार्थी प्रवेश परीक्षाएं दे रहे हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी के सरकारी होने बावजूद यहां पर प्रवेश परीक्षा की फीस आसमान छू रही है। सामान्य स्तर पर पीयू सीयूईटी पीजी कोर्स के एक विषय का पंजीकरण शुल्क 2395 रुपये है। वहीं एक से अधिक कोर्स के लिए परीक्षा देनी हो तो शुल्क और बढ़ जाता है। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल व अन्य कई राज्यों से विद्यार्थी पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ने आते हैं लेकिन प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की फीस उनकी जेब पर भारी पड़ रही है। बता दें कि पीयू दाखिला फॉर्म भरने के लिए जितनी फीस लेती है उतने में दिल्ली विश्वविद्यालय के दो बार फॉर्म भरे जा सकते हैं जिसमें फिर भी कुछ पैसे शेष बच जाएंगे। इतना महंगा दाखिला फॉर्म होने के बावजूद पीयू द्वारा परीक्षा के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किए जाते। विद्यार्थियों का सामान रखने तक की निश्चित जगह केंद्रों में नहीं होती। 10 और 11 जून को हुए पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स की दाखिला परीक्षा में विद्यार्थियों को केंद्र के बाहर या कॉरिडोर में खुले में अपना सामान रखना पड़ा था।
पीयू कर्मचारियों का विद्यार्थियों के प्रति रवैया सही नहीं
नाम न बताने की शर्त पर एक छात्रा ने बताया कि पीयू में विभाग हो या एडमिन ब्लॉक वहां के कर्मचारियों का विद्यार्थियों के प्रति रवैया सही नहीं है। अपने कोर्स संबंधित कार्य करवाने के लिए विद्यार्थियों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्हें एक जगह से दूसरी जगह घुमाया जाता है। काम करने पर उन्हें ऐसा महसूस कराया जाता है जैसे उन पर कोई एहसान किया हो।
टेबल
विभिन्न विश्वविद्यालयों में पीजी दाखिला परीक्षा की पंजीकरण फीस
विश्वविद्यालय सामान्य श्रेणी एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी
दिल्ली विश्वविद्यालय - 750 - 300
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय - 530 - 310
जामिया मिल्लिया इस्लामिया -700 - 700
पंजाब यूनिवर्सिटी - 2395 - 1198
कोट्स
बहुत सारे विद्यार्थी फीस देखकर नहीं करते आवेदन
कई विद्यार्थियों ने सिर्फ इसलिए पीयू का दाखिला फॉर्म नहीं भरा क्योंकि वह महंगा था। विद्यार्थियों को लगता है जब दाखिला फॉर्म ही इतना महंगा है तो फीस तो और भी अधिक हाेगी। पंजाब यूनिवर्सिटी की फीस सरकारी यूनिवर्सिटी होने के नाते बहुत अधिक है। -कमलदीप सिंह, पीयू विद्यार्थी
पीयू का दाखिला फॉर्म 2130 रुपये का, जेएनयू का 234 का
पब्लिक हेल्थ में एमए करने के लिए मैंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और पंजाब यूनिवर्सिटी में आवेदन किया था। ओबीसी श्रेणी में आने पर जेएनयू में जहां पंजीकरण शुल्क 234 रुपये भरा था वहीं पीयू में इसी कोर्स के लिए 2130 रुपये शुल्क भरना पड़ा था। यहां छात्रवृत्ति के लिए भी आवेदन किया था पर आज तक उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। -राशिद, पीयू विद्यार्थी
प्रशासनिक स्तर पर हो रही राजनीति में पिस रहे विद्यार्थी
पीयू में फीस बहुत अधिक है जिसका भार विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। पीयू में फंड की कमी को लेकर सिर्फ विवाद हो रहा है पर धरातल पर समाधान नहीं निकाले जा रहे। पीयू पर हक जमाने वाले कई हैं पर फंड देकर यूनिवर्सिटी की बेहतरी के लिए काम करने वाले बहुत कम। -मनीष, पीयूसीएससी संयुक्त सचिव
हर साल फीस न बढ़ाए इसलिए डीयूआई को सौंपा था ज्ञापन
पीयू में हर साल फीस बढ़ाने का चलन बन गया है जिसका बोझ विद्यार्थी उठा रहे हैं। प्रतिवर्ष फीस न बढ़ाई जाए इसके लिए हमने 29 मई को डीन ऑफ यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन को ज्ञापन भी सौंपा था पर अभी तक इस पा कोई कदम नहीं उठाया गया है। सरकारी विश्वविद्यालय होने के नाते पीयू का फीस स्ट्रक्चर बहुत महंगा है। -भुपिंदर सिंह, सोई सदस्य