पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और एफिलिएटेड कालेज के प्रोफेसर अब हर वक्त पीयू से ऑनलाइन जुड़े रहेंगे। पीयू प्रशासन ने शिक्षकों से जुड़ी सभी तरह की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हाईटेक यूनिक आईडी सिस्टम शुरू करने का फैसला लिया है।
नए सिस्टम के तहत अब सभी प्रोफेसर की पहचान यूनिक आईडी नंबर से होगी। उनसे संबंधित हर जरूरी जानकारी सीधे उनके मोबाइल या कंप्यूटर पर भेज दी जाएगी। अभी तक पीयू चिट्ठी के माध्यम से शिक्षकों को सभी जानकारी भेजता था। दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित शिक्षकों को जानकारी मिलने में कई बार देरी भी हो जाती है।
यूनिक आईडी सिस्टम के तहत ही शिक्षकों को पीयू प्रशासन एक खास स्मार्ट कार्ड जारी करेगा। इसमें प्रत्येक शिक्षक की नौकरी पर ज्वाइनिंग से लेकर सैलरी, पीएफ, एग्जाम ड्यूटी पैमेंट, एकेडमिक सहित पूरी जानकारी पीयू अपडेट रखेगा।
यूनिक आईडी सिस्टम शुरू करने के लिए पीयू अधिकारियों की मीटिंग हो चुकी है। कंप्यूटर विभाग ने प्रोजेक्ट पर काम करना भी शुरू कर दिया है। पीयू कैंपस के करीब1 हजार और पीयू एफिलिएटेड 190 कालेज के करीब 2 हजार प्रोफेसर को यूनिक आईडी नंबर दिया जाएगा। पहले चरण में सिर्फ रेगुलर शिक्षकों के लिए यूनिक आईडी सिस्टम तैयार होगा। प्रयोग सफल रहने पर इसे एडहॉक और अन्य फैकल्टी के अलावा नॉन टीचिंग स्तर पर भी लागू किया जा सकता है।
हर साल लाखों के कागज की बचत
पीयू कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन(सीईओ) ब्रांच द्वारा यूनिक आईडी जारी करने के बाद शिक्षकों से होने वाला कागजी पत्राचार पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। शिक्षकों को डाक से भेजी जाने वाली सभी चिट्ठी बंद हो जाएंगी। हर साल लाखों के कागज की बचत हो जाएगी।
एसएमएस से शिक्षकों को मिलेगा अलर्ट
पीयू प्रशासन ने पिछले सेमेस्टर से डेढ़ लाख स्टूडेंट्स को रोल नंबर, डेटशीट सहित अन्य जरुरी जानकारी देने के लिए एसएमएस सिस्टम शुरू किया था। इस सिस्टम से पूछताछ करने के लिए आने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में जबर्दस्त कमी आई है।
पीयू अधिकारियों के अनुसार यूनिक आईडी सिस्टम में पीयू और कालेज शिक्षकों को ड्यूटी, पेपर चैकिंग, परीक्षाओं में ड्यूटी सहित सभी तरह की जानकारी एसएमएस से यूनिक आईडी पर भेजी जाएगी। पेपर सेटिंग में शिक्षकों की गोपनीयता बनाए रखने में भी यूनिक आईडी काफी फायदेमंद रहेगी। पीयू कर्मचारियों को भी प्रोफेसर के बारे में जानकारी नहीं मिल सकेगी।
प्रो.परविंदर सिंह, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन, पंजाब यूनिवर्सिटी ने बताया
कि पीयू और एफिलिएटेड कालेज प्रोफेसर को यूनिक आईडी नंबर देने पर काम शुरू
किया गया है। एग्जामिनेशन सिस्टम में शिक्षकों की पहचान गुप्त रखने में भी
नए सिस्टम कारगार साबित होगा।