केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी
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कृषि कानूनों पर केंद्र और किसानों के बीच हर वार्ता बेनतीजा रही है। अब केंद्र ने किसानों को मनाने के लिए अपने मंत्रियों को सामने किया है। इसी कड़ी में बुधवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने वर्चुअल किसान सम्मेलन में कहा कि केंद्र ने किसानों से बातचीत कर कानूनों में संशोधन के प्रस्ताव सौंप दिए हैं। अब किसान जिद छोड़ दें।
चंडीगढ़ में बुधवार को वर्चुअल किसान सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने किसानों के सवालों के जवाब दिए। किसानों से लगभग सात दौर की वार्ता के बाद अब केंद्रीय स्तर पर किसानों को समझाने की पहल शुरू हुई है। इसी पहल के तहत बुधवार को आयोजित किसान सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री किसानों से रूबरू हुए।
हरदीप पुरी ने कहा कि किसानों के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा ही खुले हुए हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी कृषि सुधारों को लेकर सुधार कमेटियां बनती रही हैं। इसमें प्रकाश सिंह बादल, भूपेंद्र हुड्डा शामिल हुए हैं। इन सभी ने अपनी सिफारिशों में किसानों को उनकी फसल कहीं भी बेच सकने आदि को लेकर लगी पाबंदियों को हटाने की सिफारिशें की हुई हैं। पुरी ने कहा कि यूपीए सरकार के समय में ये कमेटियां बनी थीं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर आदि के साथ हुई किसानों की कई दौर की बैठकों में हमने उनकी इन सभी आशंकाओं को खत्म करने का आश्वासन दिया है। बैठकों में कहा गया है कि मंडियां खत्म नहीं होंगी। एमएसपी हर हाल में जारी रहेगी और कांट्रेक्ट खेती कानून में विवाद होने की सूरत में किसान अदालत जा सकते हैं। इस दौरान पंजाब भाजपा के प्रधान अश्विनी शर्मा और महासचिव डॉ. सुभाष शर्मा उपस्थित थे।