दिल्ली में बैठा गांधी परिवार और पंजाब का बादल परिवार अब तक पंजाब में शासन करता आया है। पंजाब 1981 में नंबर वन जीडीपी वाला प्रदेश था लेकिन आज पंजाब 16वें पायदान पर पहुंच गया है। पंजाब की जनता दिल्ली के गांधी व यहां के बादल परिवार की हकीकत व झूठे वादे करने वाले लोगों को पहचान चुकी है।
पंजाब किसी विकल्प की तलाश कर रहा है। यह बात केंद्रीय जल शक्ति मंत्री व भाजपा के पंजाब चुनाव प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत ने कही। वह रविवार को जालंधर में बने भाजपा के प्रदेश चुनाव कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि हम नया इतिहास बनाने का श्रीगणेश आज इस कार्यालय से कर रहे हैं और अबकी बार पंजाब में एक नया इतिहास बनने वाला है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पंजाब में माइनिंग, शराब व रेत माफियाओं का राज है। पंजाब में सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस सरकार पंजाब के हालात की जिम्मेदारी लेने के बजाय दूसरों पर इसका दोष मढ़ रही है। किसानों की तरफ से नईं पार्टी का एलान करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जो किसान कहते थे कि वह राजनीति नहीं करेंगे, उन्होंने अपना सियासी मोर्चा बना लिया है लेकिन जब किसानों का आंदोलन शुरू हुआ था, तब किसान नेताओं ने कहा था कि वह कभी भी राजनीति की तरफ नहीं जाएंगे तो अब क्यों यूटर्न ले लिया।
उन्होंने बेअदबी के मामले पर कहा कि पंजाब सरकार से केवल एसजीपीसी ही नहीं बल्कि पंजाब की जनता को भी कोई उम्मीद नहीं है। इस बात की जांच अवश्य होनी चाहिए कि बेअदबी की घटनाएं चुनाव से पहले ही क्यों होती हैं। पहले भी चुनाव से पहले बेअदबी की घटनाएं हुई थीं। यह जरूर सामने आना चाहिए कि कौन लोग हैं, जो पंजाब के सौहार्द को बिगाड़ कर राजनीतिक लाभ प्राप्त करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि लुधियाना बम धमाके व बेअदबी की घटनाओं को लेकर समय रहते केंद्रीय एजेंसियों ने पंजाब सरकार को अलर्ट किया था लेकिन पंजाब की कांग्रेस सरकार आपसी लड़ाई में व्यस्त है। इस मौके पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं भाजपा जोनल चुनाव प्रभारी सौदान सिंह, केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश, राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन विजय सांपला, संगठन महामंत्री पवन राणा, पूर्व मंत्री तीक्ष्ण सूद, मनोरंजन कालिया, राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी, जीवन गुप्ता, डॉ. सुभाष शर्मा, राजेश बागा और दयाल सिंह सोढ़ी आदि उपस्थित रहे।