फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

29 फरवरी को आम बजट, जेटली से ट्राइसिटी को काफी उम्मीदें

Thu, 25 Feb 2016 10:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरव सूद, चार्टर्ड अकाउंटेंट
विज्ञापन

•इस साल हर हाल में गुड्स एवं सर्विस टैक्स (जीएसटी) को लागू किया जाना चाहिए
•टीडीएस छूट की सीमा बढ़ाई जाए
•लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन में छूट का दायरा बढ़ना चाहिए
•लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अप्रत्यक्ष कर में रियायत बढ़ानी चाहिए
•स्वास्थ्य सुविधाओं पर होने वाले खर्च पर छूट का दायरा बढ़े
•अन-ऑर्गनाइज्ड सेक्टर पर टैक्स का फ्लैट रेट हो
•कॉरपोरेट टैक्स को पांच प्रतिशत कम किया जाना चाहिए
•डायरेक्टर टैक्स में कोई बढ़ावा न किया जाए
•मेक इन इंडिया को प्रमोट करने के लिए कुछ खास रियायत मिलने की उम्मीद
•हाउस और अन्य तरह के लोन सस्ते हों

प्राइवेट नौकरीपेशा लोगों की उम्मीदें

•सरकार कोई नया कर न लगाए
•आयकर की छूट की सीमा बढ़ाई जाए
•प्रोविडेंट फंड (पीएफ) को 15 फीसदी तक किया जाना चाहिए
•रोजमर्रा के जरूरत की चीजों पर कर न बढ़ाया जाए
•फ्रिंज बेनिफिट टैक्स कम हो
•रोजगार के संसाधनों में वृद्धि होनी चाहिए
•सस्ती शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं पर फोकस हो
•टैक्स बढ़ाना ही है तो लग्जरी चीजों पर ही बढ़े
•स्टार्टअप करने वालों को टैक्स में छूट और सब्सिडी मिले
•निजी सेक्टर के कर्मचारियों के लिए नौकरी की सुरक्षा की योजना बने

ये है वर्तमान आयकर स्लैब

•2.5 लाख तक कोई टैक्स नहीं
•2.5 लाख से 5 लाख तक 10 प्रतिशत
•5 लाख से 10 लाख तक 20 प्रतिशत
•10 लाख से ऊपर 30 प्रतिशत
(नोट- अगर आपकी इनकम 2.70 लाख रुपये सालाना है तो 2000 रुपये बनने वाला टैक्स सरकार की ओर से माफ है।)

सीनियर सिटीजन के लिए
•3 लाख तक कोई टैक्स नहीं
•3 लाख से 5 लाख तक 10 प्रतिशत
•5 लाख से 10 लाख तक 20 प्रतिशत
•10 लाख से ऊपर 30 प्रतिशत

सुपर सीनियर सिटीजन के लिए (80 वर्ष और उससे अधिक)
•5 लाख तक कोई टैक्स नहीं
•5 लाख से 10 लाख तक 20 प्रतिशत
•10 लाख से ऊपर 30 प्रतिशत

आम बजट से लोगों को ये सब चाहिए

4 लाख रुपये तक आयकर में छूट होनी चाहिए। बेशक सिगरेट और तंबाकू पदार्थो पर सरकार और टैक्स बढ़ा दे। पेट्रोल और डीजल के रेट पिछले साल के मुकाबले में सस्ते हैं इसलिए वस्तुएं सस्ती होनी चाहिए।
-हरजिंदर सिंह, उपाध्यक्ष, इंटक

आय कर की छूट सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर साढ़े तीन लाख करनी चाहिए। वर्किंग महिलाओं को और विशेष छूट देनी चाहिए। 10 लाख की कार तक एक्साइज ड्यूटी नहीं बढ़नी चाहिए।
-हितेश पुरी, प्रवक्ता, फासवेक

बजट में इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए कि आम आदमी से जुड़ी रोजमर्रा के जरूरत की वस्तुओं पर टैक्स एक निर्धारित सीमा तक ही हो, उससे ज्यादा नहीं।
- हेमलता, सरकारी कर्मचारी

सरकार को बजट में निजी सेक्टर में काम करने वालों को कुछ राहत देनी चाहिए। नए बजट में सरकार कोई अतिरिक्त कर न लगाए। इसके अलावा टैक्स छूट की सीमा में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए।
- मितिन मेहता, निजी बैंक कर्मचारी

जिन शिक्षण संस्थाओं में गरीब व प्रतिभाशाली बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा और रहने-खाने की व्यवस्था है, उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए सरकार विशेष योजना बनाकर उन्हें सहयोग दे। इससे अन्य संस्थाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे पैसे के अभाव में पढ़ाई न कर पाने वाले बच्चों का उत्थान होगा।
- मयंक काला, स्टूडेंट

रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली चीजों के दाम कम करने चाहिए। एजुकेशन पर भी ज्यादा फोकस किए जाने की जरूरत है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए सरकार को प्रतिबद्ध होना चाहिए।
- लिली बावा, महिला पार्षद

कर्मचारियों को राहत देनी चाहिए। टैक्स के लिए छूट की सीमा को बढ़ाकर तोहफा देना चाहिए। सरचार्ज को कम किया जाना चाहिए। लग्जरी आइटम्स को छोड़कर रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर पड़ने वाली ड्यूटी भी सरकार को नहीं बढ़ानी चाहिए।
- एसके नैय्यर, निवासी, सेक्टर-15, पंचकूला
विज्ञापन

लोगों को कुछ ऐसी उम्मीदें भी है बजट से

रेल बजट से पंचकूला को बेहद उम्मीदें हैं। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के नाम के साथ पंचकूला का नाम जोड़ने के लिए भी प्रस्ताव होना चाहिए। इसके अलावा पंचकूला की तरफ ऑटो पार्किंग, रेन शेल्टर और चंडीगढ़ की तरह सभी सुविधाएं भी मुहैया होनी चाहिए।
- वीके सूद

रेल बजट में रेलवे फ्रेट कॉरिडोर बनाए जाने का प्रस्ताव होना चाहिए। जिससे व्यापार को ग्रोथ मिल सके। पंचकूला रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाएं बढ़ानी जानी चाहिए। चंडीगढ़-मोरिंडा लाइन को राजपुरा लाइन से भी लिंक किया जाना चाहिए। चंडीगढ़-कालका से अहमदाबाद और मुंबई के लिए सुपरफास्ट ट्रेनें चलाई जानी चाहिए। चंडीगढ़-दिल्ली के लिए पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़नी चाहिए।
- राकेश गर्ग, उद्यमी

आय कर की छूट सीमा बढ़ाने के साथ सर्विस टैक्स बिल्कुल भी नहीं बढ़ना चाहिए। इस समय सर्विस टैक्स 14 प्रतिशत है, जो कि काफी ज्यादा है इस कारण हर सेवा महंगी हो जाती है।
- दलविंदर सैनी, अध्यक्ष, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन, सेक्टर-40 ए

घरेलू उत्पाद और इलेक्ट्रनिक की वस्तुओं में एक्साइज डयूटी कम होनी चाहिए। उनका कहना है कि सीनियर सिटीजन को आयकर में 5 लाख रुपये तक छूट मिलनी चाहिए। वैट बिल्कुल भी नहीं बढ़ना चाहिए।
- सुरेंद्र शर्मा, अध्यक्ष, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन, सेक्टर-15

पिछले डेढ़ वर्ष में दालों के दाम कई गुना बढ़ गए हैं। इससे घर का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। सरकार को चाहिए कि बजट में रसोई का जरूर ख्याल रखा जाए। बजट ऐसा होना चाहिए, जिसमें अमीर व गरीब वर्ग के लोग आराम से गुजारा कर सकें।
- आशू बिष्ट, हाउस वाइफ, जीरकपुर

पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष पेट्रो उत्पादों के दाम काफी नीचे आए हैं। इसके बावजूद भी महंगाई आसमान पर है। सरकार को महंगाई पर लगाम लगाने के लिए इस बजट में कठोर कदम उठाने चाहिए। तभी लोगों को राहत मिलेगी।
- संजीव शर्मा, मेंबर, बिल्डर एसोसिएशन पीरमुछल्ला
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें