देश की पहली स्मार्ट सिटी बनने का सपना दिखाने के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की बजट केटली से चंडीगढ़ के लिए ठंडी चाय ही निकली।
शहर की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए प्रशासन ने जो प्लान बजट मांगा था, उसमें 69 करोड़ की कैंची जेटली ने चलाई है। वैकल्पिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम मेट्रो, ट्राम या मोनो रेल आदि के प्रस्ताव का जिक्र तक नहीं है।
आंकड़ेबाजी में समझें
चंडीगढ़ को प्लान बजट में 860 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है। चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर की जरूरतों के लिए इस मद में 929 करोड़ मांगे थे। पिछले बजट में 813 करोड़ का प्रस्ताव किया गया था, जिसमें बाद में 200 करोड़ रुपये की कटौती कर रिवाइज्ट बजट 613 करोड़ कर दिया गया था।
इसी आधार पर इस बार प्लान बजट में 40 फीसदी बढ़ोतरी का दावा सरकार ने किया है। नॉन प्लान बजट में 2971 करोड़ रुपये इस बार प्रस्तावित हैं। प्रशासन ने नॉन प्लान में 3300 करोड़ की मांग की थी ।
क्या-क्या मिला
मनीमाजरा में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स
इसके लिए दस करोड़ रुपये बजट में प्रस्तावित हैं। नगर निगम इसके लिए दस एकड़ जमीन देगा।
280 नई बसें
इसके लिए 50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। ड्राइवर,कंडक्टर, फ्यूल के लिए प्रावधान किया गया है। टांसपोर्ट विभाग को कुल 100 करोड़ रुपये मिलेंगे। पिछले बजट में विभाग को 124.94 करोड़ मिले थे।
स्मार्ट एजुकेशन
सरकारी स्कूलों में आठवीं तक स्मार्ट एजुकेशन, टायलेट और रैंप के लिए 50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। स्कूल एजुकेशन के लिए कुल 135 करोड़ का बजट रखा गया है।
गर्ल्स हॉस्टल
गर्ल्स हॉस्टल और गवर्नमेंट कामर्स कालेज बिल्ंिडग को पूरा करने के लिए 20 करोड़ अलॉट किए गए हैं। बजट में शहर के हायर एजुकेशन के लिए 40 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
जीएमसीएच-32 में नया ब्लॉक
इस मेडिकल कॉलेज में ई-ब्लॉक की कंस्ट्रक्शन के लिए 50 करोड़ मंजूर किए गए हैं। जीएमसीएच-32 को प्लान बजट के तहत 128 करोड़ मिलेंगे।
पुलिस कर्मचारियों के लिए मकान
बजट में पुलिस विभाग से जुड़ी बिल्डिंग की रेनोवेशन के लिए 5 करोड़ अलॉट किए गए हैं। पुलिस कर्मचारियों के नए मकान बनाने पर 17.37 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
दावा: हेल्थ,एजुकेशन और अर्बन डेवलेपमेंट पर फोकस
चंडीगढ़ के बजट में कुछ क्षेत्रों पर खास फोकस करने का दावा सरकार की ओर से किया गया है। बजट में मेडिकल और पब्लिक हेल्थ पर 22 फीसदी, एजुकेशन पर 20 फीसदी, अर्बन डेवलेपमेंट पर 19 फीसदी, ट्रांसपोर्ट 12, हाउसिंग 5 फीसदी और सोशल सिक्योरटी और सोशल वेलफेयर पर कुल बजट का 3 फीसदी खर्च किया जाएगा।
संस्थाओं को क्या मिला
नगर निगम को 102.45 करो़ड़
नगर निगम को प्लान बजट में 102.45 करोड़ दिए गए हैं। अर्बन डेवलेपमेंट पर 84.07 करोड़ खर्च होगे। वॉटर सप्लाई पर 11.25 और चंडीगढ़ के अधीन आने वाले गांवों में इंफ्रॉस्ट्रक्चर बेहतर करने पर 2.25 करोड़ रखे गए हैं। प्राइमरी एजुकेशन पर 2.25 करोड़, प्राइमरी हेल्थ पर 1.50 और स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना(एसजेएसआरवाई) के तहत 1.13 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
समाज कल्याण को 5 करोड़
सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट को 5 करोड़ का अतिरिक्त फंड दिया गया है। इस पैसे से विभाग के अधीन विभिन्न बिल्डिंग की दशा सुधारी जाएगी। बजट का कुछ बेटियों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन पर खर्च होगा।
नया सचिवालय
चंडीगढ़ के इंजीनियरिंग विभाग को पिछले साल 75 करोड़ के मुकाबले इस बजट में 108 करोड़ मिला है। यह पैसा शहर की खूबसूरती, कैपिटल कांप्लेक्स पर लाइटिंग, ट्रैफिक कंट्रोलर सिस्टम, बस शेल्टर और चंडीगढ़ प्रशासन के सेक्टर-9 में नए सचिवालय की बिल्डिंग के लिए है।
कोट्स ...
ज्यादा पैसा मिला: खेर
शहर के लिए बजट काफी अच्छा है। सभी विभागों को पिछले बजट से ज्यादा पैसा मिला है। पंजाब में एम्स शुरू होने से पीजीआई का बोझ कम होगा। नए बजट को लोगों की सुविधाओं और शहर के विकास पर खर्च करने पर खास ध्यान रखा जाएगा। शहर की डेवलेपमेंट के सभी प्रोजेक्ट का तय समय में पूरा किया जाएगा।
किरण खेर, सांसद चंडीगढ़
इस बार औसत बजट है। बजट में आम आदमी का कोई ख्याल नहीं रखा गया। शहर को जिस तरह की अपेक्षा थी वैसा बजट में कुछ नहीं है। बीजेपी सरकार ने युवाओं को जॉब देने और एग्रीकल्चर के लिए कोई खास प्लानिंग बजट में नहीं दिखाई है। मध्यमवर्ग को टैक्स में भी छूट नहीं दी और एक्साइज रेट भी बढ़ा दिया है।
पवन कुमार बंसल, पूर्व रेलमंत्री
एजुकेशन और हेल्थ पर विशेष फोकस किया गया है। प्रशासन की ओर से करीब 929 करोड़ प्लान बजट मांगा गया था। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से जारी 860 करोड़ शहर की जरूरत के हिसाब से काफी कहा जा सकता है। कुछ प्रोजेक्ट के लिए बाद में भी पैसा मिलने की उम्मीद है।
सर्वजीत सिंह, वित्त सचिव चंडीगढ़ प्रशासन
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आर्थिक संतुलन बनाते हुए काफी अच्छा बजट पेश किया है। यह बजट एक राज्य नहीं पूरे देश को ध्यान में रखकर तैयार किया है। चंडीगढ़ के लिए बजट में जरूरत के हिसाब से पैसा दिया गया है।
सत्यपाल जैन, चंडीगढ़ के पूर्व सांसद और बीजेपी नेता