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बजट 2019: रेलयात्रियों में कहीं खुशी कहीं गम, किराया न बढ़ने से खुशी, पर पेट्रोल-डीजल तोड़ेंगे कमर

Sat, 06 Jul 2019 12:37 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन
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बजट से कुछ लोग खुश हैं तो कुछ में निराशा भी है। रेलयात्री गणों का कहना है कि बजट से मध्यम वर्ग को कभी राहत नहीं मिली। बजट से लोग ज्यादा खुश नहीं हैं। लोगों का कहना है कि रेल इनफ्रास्ट्रक्चर से रेल यात्रियों को मिलने वाली फूड की समस्या का समाधान नहीं होगा।
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बजट में सुरक्षा पर नहीं दिया ध्यान
इस बार सरकार ने रेल बजट को बढ़ा दिया है यह अच्छी बात है, लेकिन सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाता तो बहुत अच्छा होता। रेलवे स्टेशन पर अक्सर चोरी हो जाती है इस बारे में भी सरकार को कुछ सोचना चाहिए था।
- राज कुमार, आंनदपुर साहिब

रेलवे स्टेशनों पर खाने की क्वालिटी पर ध्यान देने की जरूरत
बजट में 300 किमी मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी देकर बहुत अच्छा किया है। रेलवे स्टेशन पर बनने वाले खाने की क्वालिटी इतनी खराब होती है कि किसी के भी स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। सरकार को इन सब चीजों के लिए भी सोचना चाहिए। रेलवे स्टेशन पर हर प्रकार की सुविधा देनी चाहिए।  
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- सचिन, ग्वालियर

निजीकरण देश के लिए हानिकारक
रेल बजट में निजी भागीदारी करना बहुत ही गलत है। पहले ही स्कूलों का भी निजीकरण किया जा रहा है। निजीकरण करना पूरे देश के लिए हानिकारक है। बजट में छोटे उद्योगों को केवल 59 सेकेंड में एक करोड़ लॉन देने की स्कीम को ऐलान किया गया है। लेकिन बड़े व्यापारियों को कोई ज्यादा राहत नहीं मिली है।
- योगेश कुमार, व्यापारी नैनीताल

बजट से महिलाएं नाखुश
बजट ने महिलाओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। एक लाख तक का लोन देने से केवल बिजनेस वुमेन को ही लाभ मिलेगा। प्राइवेट जॉब करने वाली महिलाओं और घर पर रहने वाली महिलाओं को कुछ नहीं मिला। देश की तरक्की में महिलाओं का भी बराबर हाथ है फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला।
- संगीता, नैनीताल

बजट से सबको मिलनी चाहिए सुविधाएं
निजी भागीदारी निश्चित करने से कोई लाभ नहीं होगा। बजट हमेशा निमभन और अमीर लोगों को ध्यान में रखकर बनाया जाता है। इन दोनों के बीच रहने वाले लोगों को कोई ध्यान नहीं दिया जाता। पेट्रोल केदाम बढ़ने से एक ओर मार पड़ गई है। बजट में सभी को सुविधाएं मिलनी चाहिए।
- अरुण, पंचकूला
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‘विकास’ तो लोगों को धोखा दे गया
एजूकेशन का निजीकरण हो गया। लाल किले को दूसरे के हाथों में दे दिया। अब रेलवे को भी दूसरे हाथों में सौंपा जा रहा है। सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बचना चाहती है। विकास के नाम पर देश के लोगों केसाथ धोखा किया जा रहा है। सरकार को हमेशा जनता की भलाई के लिए कार्य करना चाहिए।
- मोहम्मद अनस, लखनऊ

रेल किराए में बढ़ोतरी न होने से राहत
पहले ही मंहगाई बहुत ज्यादा है उसके बाद पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी कर दी गई है। अच्छी बात यह है कि रेल के किराए में किसी तरह की बढ़ोतरी की बात नहीं की गई है। इससे जाहिर है कि रेल का किराया नहीं बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा बजट में महिलाओं और किसानों को भी कोई बड़ी राहत नहीं मिली है।
- एमजे कुमार, पंजाब

युवाओं के रोजगार पर नहीं हुई बात
रेलवे का निजीकरण करके सरकार कौन सा मल्टी ट्रांसपोर्ट हब बनाना चाहती है।  युवाओं को रोजगार की सुविधा नहीं मिलेगी तो देश कैसे तरक्की करेगा। सरकार चाहे गरीब लोगों के लिए अच्छा कार्य कर रही हो लेकिन युवाओं को हर बार ही निराशा मिलती है। छोटे दुकानदारों को राहत मिली है।
- सरूप सिंह, पंजाब
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