यह बजट किसानों के लिए काफी फायदेमंद है। पहला तो कृषि के लिए एक लाख 30 हजार 485 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जो अब तक की सबसे बड़ी राशि है। इसके अलावा बजट में 10 हजार नए किसान उत्पादक संगठन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना वर्ष 2013 में शुरू की गई थी। इसका सबसे ज्यादा फायदा उन किसानों को मिलेगा, जिनमें पास कम जमीन है। इससे न सिर्फ छोटे किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। वहीं जीरो बजट फार्मिंग का भी जिक्र किया गया है। यह उन किसानों के लिए बढ़िया है, जो दूरदराज इलाकों में रहते हैं और इस फार्मूले के जरिये वे कम संसाधन होने पर खेती कर सकते हैं। साथ ही स्वयं सहायता समूहों को भी बढ़ावा देने की बात कही गई है। चूंकि ये समूह भी कहीं न कहीं खेती से जुड़े हैं तो इससे भी किसानों को फायदा होगा।
- डॉ. डीपी मलिक, विभागाध्यक्ष, एग्रीकल्चर इकोनॉमिक्स, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
वैज्ञानिकों ने बजट की योजनाओं को सराहा
कृषि अनुसंधान संस्थान और एनडीआरआई के वैज्ञानिकों का कहना है कि रिसर्च फाउंडेशन स्थापित होने से लाभ मिलेगा। बेहतर तरीके से अनुसंधान कार्य किया जा सकेगा। इस बजट से महिलाओं को भी खुशी है। नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बनाने की योजना, डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने, जल शक्ति योजना, नदियों की सफाई और जन-जन को स्वच्छ पानी मुहैया कराने की बात पर वैज्ञानिकों ने कहा कि सरकार की यह योजनाएं मील का पत्थर साबित होंगी। वैज्ञानिकों ने इन बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।