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बजट 2019: किसानों के लिए फायदेमंद, एक्सपर्ट बोले- वैज्ञानिक जो सोचता है उसे धरातल पर मूर्त रूप देगा

Sat, 06 Jul 2019 09:57 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
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फाइल फोटो
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यह बजट किसानों के लिए काफी फायदेमंद है। पहला तो कृषि के लिए एक लाख 30 हजार 485 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जो अब तक की सबसे बड़ी राशि है। इसके अलावा बजट में 10 हजार नए किसान उत्पादक संगठन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना वर्ष 2013 में शुरू की गई थी। इसका सबसे ज्यादा फायदा उन किसानों को मिलेगा, जिनमें पास कम जमीन है। इससे न सिर्फ छोटे किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। वहीं जीरो बजट फार्मिंग का भी जिक्र किया गया है। यह उन किसानों के लिए बढ़िया है, जो दूरदराज इलाकों में रहते हैं और इस फार्मूले के जरिये वे कम संसाधन होने पर खेती कर सकते हैं। साथ ही स्वयं सहायता समूहों को भी बढ़ावा देने की बात कही गई है। चूंकि ये समूह भी कहीं न कहीं खेती से जुड़े हैं तो इससे भी किसानों को फायदा होगा।
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- डॉ. डीपी मलिक, विभागाध्यक्ष, एग्रीकल्चर इकोनॉमिक्स, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय

वैज्ञानिकों ने बजट की योजनाओं को सराहा
कृषि अनुसंधान संस्थान और एनडीआरआई के वैज्ञानिकों का कहना है कि रिसर्च फाउंडेशन स्थापित होने से लाभ मिलेगा। बेहतर तरीके से अनुसंधान कार्य किया जा सकेगा। इस बजट से महिलाओं को भी खुशी है। नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बनाने की योजना, डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने, जल शक्ति योजना, नदियों की सफाई और जन-जन को स्वच्छ पानी मुहैया कराने की बात पर वैज्ञानिकों ने कहा कि सरकार की यह योजनाएं मील का पत्थर साबित होंगी। वैज्ञानिकों ने इन बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।
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वैज्ञानिक जो सोचता है उसे धरातल पर मूर्त रूप देगा

केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल स्थित अंतरराष्ट्रीय मक्का एवं गेहूं अनुसंधान केंद्र मैक्सिको की क्लाइमेट चेंज एंड फूड सिक्योरिटी परियोजना के रिसर्च प्लेटफार्म के वैज्ञानिक डा. एसके ककरालिया ने कहा कि यदि सरकार नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बनाएगी तो अनुसंधान पर फोकस होगा। हर फसल में नई तकनीक को बढ़ावा मिलेगा। वैज्ञानिक जिन तकनीकों के बारे में केवल सोच रहे हैं उन्हें धरातल पर मूर्त रूप मिलेगा। वैज्ञानिकों की सोच संभव हो सकेगी। इससे किसानों को सीधा लाभ होगा। देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी। सॉयल हेल्थ सुधरेगी।

दूध की प्रोसेसिंग बढ़ी तो लाभान्वित होगा किसान व पशुपालक
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रवक्ता डा. राजन शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार के बजट में डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने की योजना है। यह डेयरी उद्योग के लिए बहुत अच्छी बात होगी। डेयरी व्यवसाय किसानों की आमदनी बढ़ाने का बढ़िया जरिया है। डेयरी उद्योग भी बढ़ेगा तो यह पूरी लाइन ग्रो होगी। कृषि के साथ ही डेयरी व्यवसाय जुड़ा हुआ है। इससे किसानों को सीधे रूप में फायदा होगा। देश में 20 से 25 प्रतिशत तक ही दूध प्रोसेस होता है और सरकार उसे बढ़ाना चाहती है। अमेरिका में 90 प्रतिशत दूध प्रोसेस हो जाता है। दूध जल्द खराब होने वाली चीज है। इसकी जितनी प्रोसेसिंग बढ़ेगी तो सभी क्षेत्रों को इससे फायदा होगा।

देश के लिए बड़ी देन होंगी यह योजनाएं
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के सिंचाई एवं जल निकास विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रधान वैज्ञानिक डा. एसके कामरा ने कहा कि पानी पर सरकार का ध्यान केंद्रित होना अच्छी बात है। जल ही जीवन मिशन और जल शक्ति अभियान अच्छी शुरूआत होगी। वह चाहते हैं कि धरातल पर ऐसा हो जाए। सिंचाई से भी ज्यादा जरूरी है घरों में पीने का शुद्घ पानी पाइप के जरिये जाना चाहिए। सरकार की यह इच्छा बहुत अच्छी है। यदि सरकार पांच साल में पानी पर ऐसा कुछ कर पाती है तो यह देश के लिए बहुत बड़ी देन होगी।
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