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Chandigarh: हाईकोर्ट एक्सपेंशन प्लान पर जुलाई में यूनेस्को की सुनवाई, दक्षिण कोरिया के बुसान में होगा फैसला

Tue, 03 Feb 2026 12:52 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

एक्सपेंशन प्लान के तहत हाईकोर्ट परिसर में नए भवन ब्लॉकों के निर्माण का प्रस्ताव है। प्रशासन का तर्क है कि बढ़ते मामलों और न्यायिक कार्यभार को देखते हुए अतिरिक्त ढांचे की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। हाल ही में हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासनिक स्तर पर इस योजना को मंजूरी दी गई थी।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एक्सपेंशन प्लान को लेकर निर्णय की घड़ी नजदीक आ गई है। चंडीगढ़ के विश्व धरोहर कैपिटल कॉम्प्लेक्स में स्थित हाईकोर्ट भवन के प्रस्तावित विस्तार पर जुलाई 2026 में यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के समक्ष सुनवाई होगी। 
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यह सुनवाई दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में आयोजित होने वाले समिति के वार्षिक सत्र के दौरान की जाएगी। इस सुनवाई के बाद ही यह तय हो सकेगा कि हाईकोर्ट परिसर में प्रस्तावित नए निर्माण को मंजूरी मिलेगी या नहीं।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट भवन प्रसिद्ध वास्तुकार ली-कार्बूजिए की ओर से डिजाइन किए गए कैपिटल कॉम्प्लेक्स का अहम हिस्सा है। यह परिसर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का नया निर्माण या ढांचागत बदलाव यूनेस्को की अनुमति के बिना संभव नहीं है। इसी कारण हाईकोर्ट के विस्तार प्रस्ताव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा के लिए भेजा गया है।
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एक्सपेंशन प्लान के तहत हाईकोर्ट परिसर में नए भवन ब्लॉकों के निर्माण का प्रस्ताव है। प्रशासन का तर्क है कि बढ़ते मामलों और न्यायिक कार्यभार को देखते हुए अतिरिक्त ढांचे की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। हाल ही में हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासनिक स्तर पर इस योजना को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने प्रस्ताव को हेरिटेज स्टेटस की समीक्षा करने वाली समिति को सौंप दिया।

अधिकारियों के अनुसार, यह प्रस्ताव फ्रांस स्थित ली-कार्बूजिए फाउंडेशन के माध्यम से भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय को भेजा गया था जहां से इसे यूनेस्को को अग्रसारित किया गया। इससे पहले सितंबर 2025 में जिनेवा में इस मुद्दे पर प्रारंभिक विचार-विमर्श भी हो चुका है, जिसमें विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने अपनी राय रखी थी।

नए कोर्टरूम, चैंबर्स और पार्किंग का प्रस्ताव

हाईकोर्ट विस्तार योजना में अतिरिक्त कोर्टरूम, जजों और वकीलों के लिए चैंबर्स, प्रशासनिक कार्यालयों के साथ-साथ पार्किंग सुविधाओं का निर्माण शामिल है। वर्तमान में जगह की कमी के कारण न्यायिक कामकाज पर दबाव बना रहता है। प्रशासन का कहना है कि विस्तार से इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा। हालांकि, यदि यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी तो एक्सपेंशन प्लान पर रोक लग सकती है। जुलाई में होने वाली सुनवाई के बाद आने वाला फैसला न सिर्फ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के भविष्य के ढांचे को प्रभावित करेगा, बल्कि चंडीगढ़ की विश्व धरोहर पहचान के संरक्षण के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है।
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