अपनी मांगों को लागू करवाने के लिए संघर्षरत बेरोजगार लाइनमैन यूनियन ने माघी मेले में शिअद-भाजपा कांफ्रेंस में कई बार खलल डाला। प्रदर्शनकारियों ने करीब चार बार लोगों की भीड़ में घुस जमकर नारेबाजी की। फिलहाल पुलिस ने करीब आधा दर्जन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।
गौर हो कि यूनियन बीते लंबे समय से नौकरी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। इसके तहत यूनियन के सदस्य वीरवार को किसी तरह से शिअद-भाजपा कांफ्रेंस के पंडाल में शामिल होेने में कामयाब हो गए। जैसे ही डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने संबोधन के लिए माइक संभाला।
लोगों के बीच बैठे लाइनमैनों ने खड़े होते हुए सुखबीर बादल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अचानक हुए इस घटनाक्रम को लेकर हड़बड़ाहट में आए वर्करों और पुलिस मुलाजिमों ने प्रदर्शनकारियों को खींचते पंडाल के बाहर कर दिया।
इस दौरान जब लोग पंडाल से उठने लगे तो वर्करों ने सुखबीर बादल जिंदाबाद के नारे लगाते हुए किसी तरह स्थिति को संभाला। मगर कुछ समय बाद जब सीएम प्रकाश सिंह बादल संबोधित करने लगे तो उसी बीच किसी और स्थान पर लोगों के बीच बैठे लाइनमैनों ने उठते हुए एक बार फिर नारेबाजी करनी शुरू कर दी।
इस पर एक बार फिर अकाली वर्कर और पुलिस जवान बौखलाहट में आ गए। जबकि उसके बार फिर प्रदर्शन हुआ। इस घटनाक्रम से अकाली-भाजपा कांफ्रेंस में अफरातफरी का माहौल बना रहा।