जो खुद एक बच्ची है, उसे गर्भ में पल रहे बच्चे को जन्म देना होगा। कोर्ट ने उसके गर्भपात की इजाजत नहीं दी, इस फैसले की वजह भी बताई गई। दरअसल, कोर्ट का कहना है कि गर्भपात से बच्ची की जान को खतरा है। उसकी जान जा सकती है, इसलिए पूनम आर. जोशी की कोर्ट ने गर्भपात की याचिका खारिज कर दी।
पुलिस ने यह याचिका डाली थी। मामले में जीएमसीएच-32 के डॉक्टरों ने बताया कि गर्भपात से बच्ची की जान को खतरा हो सकता है। ऐसे में उसका गर्भपात कराया जाना ठीक नहीं है। वहीं मेडिकल लॉ भी इसकी मंजूरी नहीं देता है।
इसलिए बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर महिला और बाल अपराध के मामलों के लिए बनी विशेष कोर्ट ने पुलिस की याचिका डिस्पोज ऑफ कर दी है। गौरतलब है कि पुलिस की ओर से दायर याचिका में 11 वर्षीय बच्ची के गर्भपात के लिए मंजूरी देने की अपील की गई थी। मंगलवार को जीएमसीएच-32 से दो डॉक्टर अदालत में पेश हुए। उन्होंने अदालत में मेडिकल रिपोर्ट पेश की।