मौके पर मौजूद कंपनी के अधिकारियों से बात कर मामले के बारे में जानकारी जुटानी चाही तो वे कुछ भी बताने से मना कर इधर-उधर चले गए। ग्रामीण श्रीराम मोहना, वकील सिंह, प्रताप सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्रधिकरण व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को शिकायत भेजकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करेंगे, क्योंकि मामला लोगों के जीवन से जुड़ा है।
अगर राजमार्ग के बनने के बाद यह हादसा होता तो काफी जान-माल का नुकसान हो सकता था। ग्रामीणों ने कंपनी और प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया और मामले की जांच कर कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर गोपाल ने कहा कि निर्माण कार्य व सामग्री में किसी प्रकार की कमी व लापरवाही नहीं है। समुचित तरीके से हाइवे निर्माण का कार्य चल रहा है। शनिवार की शाम को पिलर रखते समय मशीन घूम गई, जिसकी वजह से पिलर नीचे गिर गया और किसी भी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।