संयुक्त राष्ट्र पिछले साल संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में तैनाती के दौरान जान गंवाने वाले हरियाणा के तीन सपूतों समेत आठ भारतीय फौजियों को उनके अदम्य साहस और बलिदान के लिए प्रतिष्ठित यूएन मेडल से सम्मानित किया जाएगा। दुनियाभर के 106 सैनिकों, पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को 29 मई को मरणोपरांत डाग हैमरशोल्ड मेडल प्रदान किया जाएगा।
ले. कर्नल महीपाल सिंह (सुरहेती पिलानिया, महेंद्रगढ़)
सूबेदार धर्मेश सांगवान (चरखी दादरी, भिवानी)
कुमार पाल सिंह (भौंडसी, गुड़गांव)
इस दिन को अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांतिसैनिक दिवस के रूप में मनाया जाता है। मेडल का नाम संयुक्त राष्ट्र के दूसरे महासचिव हेमरशोल्ड के नाम पर रखा गया है।
दक्षिण सूडान के जोंगलेई में पिछले साल 20 अप्रैल को शहीद हुए हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में सुरहेती पिलानिया के निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल महीपाल सिंह की शहादत को इस मेडल से सलाम किया जा रहा है।
इसी हमले में शहीद लांस नायक नंद किशोर जोशी, हवलदार हीरा लाल, नायब सूबेदार शिव कुमार पाल और हवलदार भारत सास्मल को भी यह सम्मान दिया जा रहा है। इनके अलावा दक्षिण सूडान के ही ओकोबो में पिछले साल 19 दिसंबर को एक हमले में शहीद भिवानी जिले में चरखी दादरी निवासी सूबेदार धर्मेश सांगवान और गुड़गांव के भौंडसी निवासी सूबेदार कुमार पाल सिंह की वीरता को भी इस पदक से नमन किया जाएगा। इनके साथ ही फरवरी 2013 में कॉन्गो में शहीद हुए सिपाही रामेश्वर सिंह को भी मरणोपरांत संयुक्त राष्ट्र मेडल से सम्मानित किया जाएगा।