पंजाब-हरियाणा के बीच जारी एसवाईएल विवाद को अब केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती निपटाएंगी। 20 अप्रैल को दिल्ली में होने वाली बैठक में पंजाब-हरियाणा के मुख्य सचिव मौजूद रहेंगे। इसमें विभाग के सचिव दोनों अधिकारियों के साथ हल निकालेंगे। हरियाणा में भाजपा सरकार बनने के साथ ही विपक्ष ने एसवाईएल पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इसे लेकर केंद्र की सियासत भी गर्मा गई है।
इंडियन नेशनल लोकदल ने पिछले दिनाें अंबाला में नहर की खुदाई की शुरुआत की तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के चुनाव में प्रचार करने नहीं गए।
उधर, कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही कह चुके हैं कि उनकी सरकार हर कीमत पर पंजाब के पानी की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। कांग्रेस के चुनाव मेनिफेस्टो में भी यह स्पष्ट कहा गया है कि कांग्रेस सरकार एसवाईएल सहित ऐसी किसी भी नई नहर के निर्माण की आज्ञा नहीं देगी, जो नदियों के पानी को राज्य से बाहर लेकर जाएगी।