उन्होंने कहा कि इन लैबों की स्थापना के साथ राज्य में रोजाना कोरोना टेस्टिंग की क्षमता 9 हजार हो जाएगी। पहले एक दिन में 1500 टेस्ट हो रहे थे। टेस्टिंग के मामले में पंजाब देश का अग्रणी राज्य बन जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से विशेष ट्रेने और बसों से प्रवासी मजदूरों और अन्य लोगों को उनकी इच्छा के अनुसार गृह राज्यों में भेजा जा रहा है। प्रवासी भारतीयों को पंजाब में लाने के लिए भी सरकार विशेष प्रयास कर रही है।
फरीद यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. राज बहादुर ने बताया कि सरकार ने जालंधर की नेशनल रिसर्च लैब, लुधियाना की गुरु अंगद देव यूनिवर्सिटी, मोहाली की पंजाब इनक्यूबेटर जैव प्रौद्योगिकी व फोरेंसिक साइंस लैब को भी कोरोना टेस्टिंग लैब स्थापित करने की मंजूरी दी है। यूनिवर्सिटी लैब स्थापित करने व स्टाफ को ट्रेनिंग प्रदान करने में मदद करेगी। इन लैब के भी इसी माह शुरू होने की संभावना है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार और विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों, यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. राज बहादुर, मुख्यमंत्री के ओएसडी संदीप सिंह बराड़, डीसी कुमार सौरभ राज और एसएसपी मनजीत सिंह ढेसी, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक जोहन भट्टी, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राजीव जोशी, डॉ. रोहित चोपड़ा, डॉ. एसपी सिंह, कैप्टन संजीव शर्मा, इंजीनियर राज अग्रवाल, कर्मजीत टहिना मौजूद रहे।
कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग का अभाव
श्री गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज में टेस्टिंग लैब के उद्घाटन समारोह में सोशल डिस्टेंसिंग का कोई ध्यान नहीं रखा गया। लैब का उदघाटन करने से लेकर डॉक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ के साथ फोटो खिंचवाते वक्त सोशल डिस्टेंसिंग नहीं दिखी। हालांकि इस दौरान आला अधिकारियों ने सभी से सोशल डिस्टेंसिंग रखने की अपील लेकिन उसका कोई खास असर दिखाई नहीं दिया।