यूनिवर्सिटी द्वारा अब जानकारी नहीं देना भारी पड़ सकता है। जरा सी लापरवाही पर 25 प्रतिशत तक ग्रांट से हाथ धोना पड़ेगा। साथ में दंडात्मक कार्रवाई भी झेलनी पड़ेगी। यूजीसी के नए एक्ट के तहत ऐसा प्रावधान किया गया है।
नोटिफिकेशन होते ही यह एक्ट सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों पर लागू हो चुका है।
नए एक्ट को यूजीसी रूल्स-2015 (यूनिवर्सिटी द्वारा सूचना दिया जाना) नाम दिया गया है। नए एक्ट के अनुसार सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेज को हर साल एकेडमिक, एडमिनिस्ट्रेटिव और इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित विभिन्न तरह की जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। अभी तक पंजाब यूनिवर्सिटी भी यूजीसी को सभी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं करवा पा रही है।
रजिस्ट्रार और प्रिंसिपल की होगी जिम्मेदारी
यूजीसी द्वारा निश्चित तिथि से पहले सही और पूरा डाटा ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन ऑन द सर्वे पोर्टल www.aishe.gov.in पर अपलोड करना होगा।
तय समय सीमा के अंदर सही और पूरा डाटा अपलोड करने की जिम्मेदारी रजिस्ट्रार या प्रिंसिपल की होगी। ऐसा करने में असमर्थ रहने पर यूजीसी ग्रांट में कटौती करेगी। अशुद्ध और गलत डाटा अपलोड करने पर दंडात्मक कार्रवाई करेगी।
पीयू की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) ने पीयू में हॉस्टल खर्च और आमदनी का ऑडिट नहीं होने की शिकायत मानव संसाधन विकास मंत्रालय में की थी।
जिसके बाद यूजीसी ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन कर दिया। इस कमेटी के समक्ष पीयू के कई अधिकारी रिकॉर्ड पेश कर चुके हैं। अधिकारियों की पेशी भी लग चुकी है।
यह देनी होगी जानकारी
- कॉलेजों को यूनिवर्सिटी द्वारा दी जाने वाली ग्रांट और निरीक्षण के नियम।
- एफिलिएटेड कॉलेजों की संख्या और एफिलिएशन दिए जाने के नियम।
- एफिलिएटेड कॉलेजों की यूनिवर्सिटी द्वारा किए गएनिरीक्षण की रिपोर्ट।
- यूनिवर्सिटी के न्यूनतम कार्यदिवस, छुट्टियों की अवधि, परीक्षा के दिन और शिक्षण कार्य दिनों की संख्या।
- एंट्रेंस टेस्ट, उनका क्राइटीरिया और किए जाने वाले बदलाव की जानकारी।
- स्टूडेंट्स और स्टाफ के लिए आवासीय सुविधा।
- यूनिवर्सिटी के एनुअल एकाउंट्स एमएचआरडी की गाइडलाइंस के मुताबिक हो मेंटेन। ऑडिट रिपोर्ट भी तैयार करनी होगी।
- काम कर रहे स्टाफ, उनकी योग्यता और शोध का अनुभव भी बताना होगा।
- कोर्सेज और छात्रों की संख्या
- यूनिवर्सिटी-कॉलेजों में शिक्षक-छात्र का अनुपात।
- डिवीजन वाइज परीक्षाओं के परिणाम।
- किसी नामी एजेंसी द्वारा यूनिवर्सिटी और उससे संबंधित कॉलेजों का एक्रिडेशन स्टेटस।
- यूजीसी के नियमों का कितना पालन हुआ।
- यूनिवर्सिटी द्वारा चलाए जाने वाले ऑफ कैंपस सेंटर्स और डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर्स की स्थिति।
- यूनिवर्सिटी ने किन सेल्फ फाइनेंस कोर्सेज को ऑफर किया।
- टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ का अनुपात।
- टीचिंग स्टाफ की रिक्त सीटों की स्थिति।
- एकेडमिक, रिसर्च और मैनेजमेंट में कोई नई खोज।
- यूजीसी या सेंट्रल एजेंसी से प्राप्त ग्रांट और उनके उपयोग की स्थिति।
- किसी विदेशी विश्वविद्यालय के साथ सहभागिता से प्रदान किए जा रहे अध्ययन के कार्यक्रम।