फंड की कमी से जूझ रहे नगर निगम के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रशासक ने नगर निगम को 152 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट फाइनल कर दिया है। इस रकम से शहर में विकास कार्य कराए जाएंगे। मेयर राजेश कालिया के नेतृत्व में शुक्रवार को सभी पार्षदों और कमिश्नर केके यादव ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से मुलाकात की। इस दौरान मेयर ने फंड की कमी प्रशासक के सामने रखी तो उन्होंने तत्काल नगर निगम को 50 करोड़ रुपये जारी करने के आदेश दे दिए और इससे शहर कीजर्जर और खस्ताहाल सड़कों को बनाने को कहा।
साथ ही विकास कार्यों के लिए 50 करोड़ का रुपये का एस्टीमेट बनाकर देने को कहा। इसके अलावा कजौली वाटर वर्क्स से मिलने वाले अतिरिक्त पानी की स्टोरेज के लिए 38 करोड़ रुपये और स्वीकृत करने का वादा किया। प्रशासक ने कहा कि किसी भी हाल में शहर में विकास कार्य नहीं रुकने चाहिए। इस मौके पर एडवाइजर मनोज परिदा भी मौजूद रहे। काफी दिनों से मेयर प्रशासक से मिलने का समय मांग रहे थे। शुक्रवार को दिन तय हुआ तो मेयर सभी पार्षदों को लेकर कमिश्नर के साथ प्रशासक के पास पहुंच गये।
फंड की कमी झेल रहे नगर निगम को अतिरिक्त फंड दिलाने के लिए विपक्ष का बखूबी साथ मिला। कांग्रेस पार्षद भी मेयर के साथ प्रशासक से मिलने पहुंच गये। मेयर ने कहा कि नगर निगम के पास सैलरी देने तक के रुपये नहीं हैं। ऐसे में शहर में विकास कार्य करना तो असंभव सा लग रहा है। प्रशासन से यदि निगम को मदद मिल जाए तो व्यवस्थाएं पटरी पर लौट आएंगी और सभी विकास कार्यों को आसानी से किया जा सकेगा। सभी पार्षदों ने अपने अपने वार्डों की समस्याओं को बताया।
प्रशासन ने निगम को तत्काल 50 करोड़ रुपये देने का वादा किया। साथ ही 50 करोड़ रुपये का जल्द एस्टीमेट बनाने को कहा है, जिससे कि अगली किस्त भी दी जा सके। प्रशासक ने कहा शहर के विकास के लिए प्रशासन हमेशा निगम के साथ खड़ा है।
पानी स्टोरेज के लिए मिलेंगे 38 करोड़
कमिश्नर ने कहा कि शहर में अतिरिक्त पानी तो आ गया, लेकिन जब कभी पाइप लाइन या मोटर खराब हो जाती है तो शहर में पानी की किल्लत हो जाती है। जुलाई माह में इसका उदाहरण देखने को मिला था। जब चारों फेज की मोटर खराब हो गईं थीं और टैंकरों से पानी की सप्लाई करनी पड़ी थी। निगम के पास इतना भी पानी स्टोरेज करने की क्षमता नहीं है कि एक दिन शहर में पानी सप्लाई किया जा सके। चूंकि यही बात कजौली वाटर वर्क्स से अतिरिक्त पानी की सप्लाई के समय प्रशासक को बताई गई थी। प्रशासक ने इसके लिए भी 38 करोड़ रुपये स्वीकृत करने का वादा किया।
कजौली वाटर वर्क्स के लिए मिलेंगे 14 करोड़
कमिश्नर ने प्रशासक को बताया पांचवें और छठे फेज के लिए कजौली वाटर वर्क्स से अतिरिक्त पानी आ गया है। इसमें अभी काफी काम शेष है और कुछ ठेकेदारों को पेमेंट बकाया है। प्रोजेक्ट के लिए 50 करोड़ रुपये मिले थे जबकि इसकी लागत 64 करोड़ रुपये आई है। प्रशासक ने तत्काल कजौली वाटर वर्क्स के लिए 14 करोड़ रुपये स्वीकृत करने का वादा किया।
प्रशासक बोले- गांवों में विकास कार्य के लिए बनाएं प्रोजेक्ट
प्रशासक ने कहा कि प्रशासन ने नगर निगम को 13 गांव सौंपे हैं। इनमें पानी, बिजली, सड़क से लेकर अन्य विकास कार्य भी तेजी से होने चाहिए। प्रशासक ने नगर निगम कमिश्नर को सभी गांव के लिए विकास कार्य का खाका तैयार करने को कहा। साथ ही इसमें आने वाले खर्चे का एस्टीमेट बनाने को कहा। प्रशासक ने कहा कि किसी भी हाल में चंडीगढ़ के गांव विकास में पिछड़ने नहीं चाहिए।
वार्ड डेवलपमेंट फंड बढ़ाने पर होगा विचार
सभी पार्षदों ने अपने अपने वार्डों की समस्या सुनाई तो प्रशासक ने पूछा कि कितना वार्ड फंड स्वीकृत होता है पार्षदों को, क्यों न वार्ड फंड बढ़ा दिया जाए। कमिश्नर ने बताया कि कुछ माह पहले ही पार्षदों का वार्ड फंड 40 से 80 लाख किया गया है। प्रशासक ने कहा कि भविष्य में वार्ड फंड को एक करोड़ तक बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।
मोदगिल बोले- हाउसिंग बोर्ड के मकान न तोड़े जाएं
भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल ने प्रशासक से अपील करते हुए कहा कि हाउसिंग बोर्ड के मकानों में रहने वाले लोगो को नोटिस न दिए जाएं। लोगों को जरूरत के आधार पर एक मुश्त राहत दे दें। इससे लोगों को काफी समस्या हो रही है। साथ ही दिल्ली चतुर्थ हाईकमीशन रिपोर्ट को लागू करने में मदद करें। मनोनीत पार्षद चरनजीव सिंह ने कहा कि निगम के पास काफी जमीन है, लेकिन लीज होल्ड के चक्र में नहीं बिक रही है। यदि फ्री होल्ड कर दें तो इससे काफी रेवेन्यू आएगा। अनिल दुबे ने कहा कि मनीमाजरा में कैनाल वाटर पाइप लाइन नहीं है। प्रशासक ने सभी पार्षदों की समस्याएं सुनने के बाद उन्हें कमिश्नर से निराकरण के लिए कहा।
ये पार्षद रहे मौजूद
भाजपा पार्षद व सीनियर डिप्टी मेयर हरदीप सिंह, डिप्टी मेयर कंवरजीत राणा, रविकांत शर्मा, देवेश मोदगिल, आशा जसवाल, सुनीता धवन, अनिल दुबे, जगतार सिंह जग्गा, हीरा नेगी, चंद्रवती शुक्ला, भरत शर्मा, राजबाला मलिक, शक्ति प्रकाश देवशाली, महेश इंदर सिंह, कांग्रेस पार्षद देवेंद्रर सिंह बबला, गुरबख्श रावत, सतीश कैंथ, शीला देवी के अलावा मनोनीत पार्षद चरनजीव सिंह, अजय दत्ता, कमला शर्मा, रिटयर्ड मेजर जनरल एमएस कांडल मौजूद रहे।
प्रशासक ने 152 करोड़ रुपये देने का आश्वासन दे दिया है। इसके अलावा 13 गांव का एस्टीमेट बनाने और कजौली वाटर वर्क्स के लिए अतिरिक्त फंड देने का भी आश्वासन दिया है। अनुमान है प्रशासन नगर निगम को 200 करोड़ का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराएगा।
- केके यादव, कमिश्नर नगर निगम
काफी दिनों से समय मांग रहे थे। शुक्रवार को प्रशासक से मिलकर फंड की कमी से जूझ रहे नगर निगम के बारे में बताया। उन्हें बताया कि विकास कार्य पूरी तरह से ठप हैं। सैलरी देने तक को रुपये नहीं हैं। प्रशासक ने समस्या को समझा और अतिरिक्त फंड देने की स्वीकृति दे दी।
- राजेश कालिया, मेयर
नगर निगम में फंड की काफी कमी थी। अतिरिक्त फंड को लेकर इसे लेकर कई बार मांग भी की गई थी। प्रशासन की तरफ से भेजे गए रिवाइज्ड बजट को केंद्र से मंजूरी मिल गई। इसलिए प्रशासक के निर्देश पर नगर निगम को अतिरिक्त फंड जारी कर दिया गया है।
- मनोज परिदा, एडवाइजर