पिछले 13 दिन से एक परिवार की दो महिलाएं डीसी आफिस के समक्ष मरणव्रत पर बैठीं हैं। इनमें से एक महिला की हालत गंभीर हो गई। मामला पंजाब के फिरोजपुर का है। जमीन विवाद के चलते गांव झोक हरिहर महिलाएं मरणव्रत पर बैठी हैं। एक महिला को 108 एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जबकि दूसरी महिला की हालत नाजुक बनी हुई है।
महिलाओं का आरोप है कि फिरोजपुर के एक कांग्रेसी नेता के रिश्तेदारों ने उनकी 26 एकड़ जमीन पर कब्जा किया है, जबकि उक्त जमीन पर वो खुद खेतीबाड़ी कर रहे थे। उक्त दोनों महिलाओं का कहना है कि मर जाएंगी, लेकिन अपनी जमीन किसी को लेने नहीं देंगी, उनके पास जमीन दस्तावेज भी हैं। मरणव्रत पर बैठी दो महिलाओं के साथ बैठी महिलाओं व किसान नेताओं ने बताया कि दोपहर 1.40 बजे बीबी सर्बजीत कौर की तबीयत बहुत खराब हो गई।
पिछले कई दिनों से अन का दाना तक नहीं खाया है। सर्बजीत कौर को 108 एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। पीड़ित परिवार की महिला सिमरजीत कौर का कहना है कि हाईकोर्ट ने भी उनके हक में फैसला सुनाया है, लेकिन तहसीलदार अदालत के आदेशों को नहीं मान रहा है। सिमरजीत कौर ने कहा कि जब तक उनकी जमीन उन्हें वापस नहीं मिलती वो अन्न का एक भी दाना नहीं खाएगी, चाहे मौत क्यों न आ जाएं।
पंडाल में बैठे एक किसान नेता ने बताया कि एसडीएम ने उन्हें बिजली कनेक्शन दिया है, बिजली बोर्ड के एसडीओ अर्जुन और एक्सईएन ने आकर कनेक्शन काट दिया, चार दिन गर्मी व मच्छरों में बैठे रहे, यह सब कुछ कांग्रेसियों की शह पर हो रहा है। नियम के मुताबिक जो व्यक्ति मरणव्रत पर बैठता है सिविल अस्पताल का डाक्टर तीन टाइम उसे चेक करने आता है, लेकिन यहां पर कोई भी नहीं आता है। एक सवाल के जवाब में किसान नेता ने कहा कि एक घड़ा रखा है, उसी का ठंडा पानी दोनों महिलाएं पी रही हैं।
किसान नेता ने कहा कि कांग्रेसी किसी भी व्यक्ति को पकड़कर ले आते हैं और प्रेसवार्ता कर मरणव्रत पर बैठी बीबियों को झूठा साबित करने का प्रयास करने में लगे हैं। लेकिन किसान जत्थेबंदियां पीड़ित परिवार को पूरा इंसाफ दिलवाएगी। इसी तरह जीरा में कांग्रेसियों ने गांव कचरभन के एक गरीब परिवार की नौ एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया था, किसान के युवा बेटे ने सियासी लोगों और पुलिस की धमकियों से तंग आकर खुदकुशी कर ली थी।