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महिलाओं ने इस बीमारी में भी पुरुषों से मारा मोर्चा

Fri, 08 Nov 2013 09:28 PM IST
दीपक शाही
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पुरुषों की तुलना में दो गुना अधिक महिलाएं डिप्रेशन का शिकार होती हैं। इनमें ज्यादातर कामकाजी महिलाएं हैं। खासकर आईटी सेक्टर से जुड़ी हुईं महिलाएं।
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पंचकूला सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल के आंकड़े तो यही बताते हैं।

अस्पताल के पांच साल के रिकार्ड के मुताबिक, ऐसे मरीजों की संख्या में 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और यह संख्या आईटी सेक्टर से जुड़ी महिलाओं का है।

मनोरोग विशेषज्ञ के अनुसार, सामान्यत: दस में एक व्यक्ति अपने पूरे जीवनकाल में जरूर डिप्रेशन के दौर से गुजरता है। 10 मामले में से एक मामला ऐसा भी होता है, जिसमें डिप्रेशन ही आत्महत्या का कारण बनता है।
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डिप्रेशन की वजह
- रिश्तों में तनाव
- आफिस और घर में सामंजस्य बैठाने में दिक्कत
- लेटलतीफी के कारण बॉस की फटकार
- जरूरत से ज्यादा उम्मीद और वह पूरी नहीं होना

डिप्रेशन के लक्षण
- उदासी, अपने आप को खाली महसूस करना, दिन के कार्याकलापों से दिलचस्पी का खत्म होना
- आसान बात भी भूलना और निर्णय लेने में देरी करना
- छोटी बातों पर चिढ़ना, उत्तेजित होना, प्रत्येक दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के लिए स्वयं को दोषी मानकर खुद का कोसना
- अत्यधिक निराश होना, स्वयं को निकम्मा व असहाय समझना, नकारात्मक सोच के कारण भविष्य के लिए लगातार असफलता संबंधी विचार आना
- नींद नहीं आना, बार-बार नींद का खुलना, सामान्य नींद से अधिक सोना, भूख और वजन में परिवर्तन होना, थकान और कमजोरी महसूस करना।
- यदि आपको लगता है कि इन लक्षणों से आप दो सप्ताह से ग्रसित हैं तो समझ लीजिए, आप डिप्रेशन के शिकार हो चुके हैं।

बचने के उपाय
- अपने मस्तिष्क को क्रियाशील रखें। स्वयं को काम में लगाए रखें। दैनिक कार्य से अवकाश लें और मेडिटेशन करें। इससे अल्फा बेव्स का संचार होता है और आपके मस्तिष्क को दैनिक तनाव से मुक्त करेगा।
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- नियमित रूप से योग व व्यायाम करने से शरीर में एंडोर्फिन्स का स्तर बढ़ता है, जो उत्तेजना, तनाव, हताश, जैसे लक्षणों को दूर करता है।
- स्वयं के लिए कठिन लक्ष्य तय न करें।
- बड़े कार्यों को छोटे-छोटे कार्यों में विभाजित कर प्राथमिकता तय करें। स्वयं के लिए समय सारणी बनाए।
- जिम्मेदारियों से भागे नहीं। यह बीमारी लाइलाज नहीं है। उपचार के लिए आप मनोरोग चिकित्सक की सहायता लें।

इससे करें परहेज
नकारात्मक सोच से बचें। उन वस्तुओं के सेवन से बचें जो तनाव की स्थिति में लेते हैं। जैसे शराब, तंबाकू, अधिक चाय या काफी, बिना डाक्टरी सलाह लिए दवा।
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