बाकी दो कैदियों ने साजिश में शामिल होने से 10 दिन पहले यह कहकर इनकार कर दिया था कि वह जेल की 21 फुट ऊंची दीवार नहीं फांद सकते। इन कैदियों के इनकार करने पर साजिश में विशाल शर्मा शामिल हुआ। अपनी बैरक को तोड़ने से पहले उन्होंने मंजीत सिंह उर्फ खंड नामक कैदी की बैरक तोड़ने की साजिश रची थी। जब साजिश में शामिल दो कैदी इसमें शामिल नहीं हुए तो यह योजना रद्द कर दी गई। गौरतलब है कि जेल में 16 फुट और 21 फुट की दो दीवारें हैं।
बैरक की दीवार को सरिये से तोड़ा
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, जेल की बैरक की दीवार को लोहे के सरिये से तोड़ा गया। तोड़ने से पहले उस पर चादर डाल दी जाती थी। जेल बैरक के साथ लगे एक टीवी की ऊंची आवाज का फायदा उठाते हुए तीनों ने सबसे पहले जेल की बैरक की तीन ईंटों को तोड़ा। वहां से सबसे पहले विशाल बाहर निकला। विशाल के बाद दोनों भाई उस टूटी दीवार से बाहर निकले। फिर जेल की दीवार के साथ खड़े होकर एक दूसरे के कंधों पर चढ़े। सबसे पहले विशाल दीवार पर चढ़ा। बाद में उसने दोनों भाइयों को खींचकर दीवार पर चढ़ाया। दीवार पर लगे लोहे के एंगल से दस्तार बांधकर वे भाग निकले।
गांव रोड़ीवाल में रुके थे रात को
कमिश्नर के अनुसार जेल से फरार होने के बाद तीनों पैदल चलते हुए तरनतारन रोड स्थित कस्बा चबा के बाबा नोध सिंह गुरुद्वारा साहिब में रुके। वहां तीनों ने चाय पी और फिर ऑटो से तरनतारन पहुंचे। तरनतारन पहुंचते ही गुरप्रीत का साला रछपाल सिंह तीनों को गांव रोड़ीवाल में ले गया। गांव में दोनों भाइयों की मां और बहन रह रही थीं। बहन के घर में तीनों रात भर रुके। अगले दिन जब सीआईए की टीम वहां पहुंची तो तीनों फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने उनकी मां और बहन को अरेस्ट कर लिया था। यहीं से विशाल इन दोनों से अलग हो गया था।
जरनैल से पूछताछ में चला गुरप्रीत का पता
जरनैल सिंह अमृतसर के गांव जेठू नांगल में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड के साथ श्री आनंदपुर साहिब चला गया। सीआईए ने जरनैल को वहां से गिरफ्तार किया। जरनैल ने पूछताछ में गुरप्रीत का ठिकाना बताया। इसके बाद पुलिस टीम जरनैल को साथ लेकर गुरप्रीत के ठिकाने जेखोनंगल पहुंची। पुलिस को देखकर गुरप्रीत ने गिरफ्तारी से बचने के लिए गर्म तरल पदार्थ पुलिस पार्टी पर फेंका। यह कांस्टेबल चरणबीर सिंह के मुंह पर गिरा और वह जख्मी हो गया। इसके बाद गुरप्रीत लकड़ी की सीढ़ी से मकान की छत पर चढ़ गया और वहीं से छलांग लगा दी। नीचे ईंटों का ढेर होने के कारण गुरप्रीत की टांग की हड्डी टूट गई। उसे सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।