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अमृतसर जेल तोड़कर भागे दो कैदी गिरफ्तार, बताया कैसे हुए थे फरार, सितंबर में रची गई थी साजिश

Sat, 08 Feb 2020 01:51 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर ( पंजाब)
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
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सीआईए स्टाफ ने केंद्रीय जेल की बैरक को तोड़कर फरार हुए तीन में से दो कैदियों गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और जरनैल सिंह को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। गुरप्रीत और जरनैल भाई हैं। वहीं, तीसरे कैदी विशाल शर्मा की गिरफ्तारी के लिए सीआईए की टीम निरंतर छापे मार रही है। सीआईए ने जरनैल को श्री आनंदपुर साहिब से पकड़ा। उससे पूछताछ के बाद गुरप्रीत को गिरफ्तार किया गया। 

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वहीं, गुरप्रीत ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पार्टी पर तरल पदार्थ फेंका जिससे एक कांस्टेबल चरणबीर सिंह जख्मी हो गया। इसके बाद छत से छलांग लगाकर भागने के प्रयास में गुरप्रीत की टांग की हड्डी टूट गई। कांस्टेबल और गुरप्रीत को अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।

वहीं, सीआईए की टीम पर हमला करने और आरोपियों को पनाह देने के आरोपी शमशेर सिंह उर्फ शेरा व करनैल सिंह उर्फ कर्नल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। सीआईए की टीम ने पांच फरवरी को गोपी और जरनैल की बहन परमजीत कौर और गोपी के साले सुखविंदर सिंह उर्फ काला को गिरफ्तार किया था। 
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पिछले साल सितंबर से रचनी शुरू की साजिश, पहले शामिल थे छह कैदी 
पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि दोनों कैदी भाइयों से पूछताछ के दौरान जानकारी मिली है कि जेल से भागने के लिए उन्होंने सितंबर 2019 से ही साजिश रचनी शुरू कर दी थी। इस साजिश में दोनों भाइयों के साथ छह कैदी शामिल थे। इनमें से एक कैदी मंजीत सिंह को अक्तूबर में फरीदकोट जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। 

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बाकी दो कैदियों ने साजिश में शामिल होने से 10 दिन पहले यह कहकर इनकार कर दिया था कि वह जेल की 21 फुट ऊंची दीवार नहीं फांद सकते। इन कैदियों के इनकार करने पर साजिश में विशाल शर्मा शामिल हुआ। अपनी बैरक को तोड़ने से पहले उन्होंने मंजीत सिंह उर्फ खंड नामक कैदी की बैरक तोड़ने की साजिश रची थी। जब साजिश में शामिल दो कैदी इसमें शामिल नहीं हुए तो यह योजना रद्द कर दी गई। गौरतलब है कि जेल में 16 फुट और 21 फुट की दो दीवारें हैं। 

बैरक की दीवार को सरिये से तोड़ा 
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, जेल की बैरक की दीवार को लोहे के सरिये से तोड़ा गया। तोड़ने से पहले उस पर चादर डाल दी जाती थी। जेल बैरक के साथ लगे एक टीवी की ऊंची आवाज का फायदा उठाते हुए तीनों ने सबसे पहले जेल की बैरक की तीन ईंटों को तोड़ा। वहां से सबसे पहले विशाल बाहर निकला। विशाल के बाद दोनों भाई उस टूटी दीवार से बाहर निकले। फिर जेल की दीवार के साथ खड़े होकर एक दूसरे के कंधों पर चढ़े। सबसे पहले विशाल दीवार पर चढ़ा। बाद में उसने दोनों भाइयों को खींचकर दीवार पर चढ़ाया। दीवार पर लगे लोहे के एंगल से दस्तार बांधकर वे भाग निकले। 

गांव रोड़ीवाल में रुके थे रात को  
कमिश्नर के अनुसार जेल से फरार होने के बाद तीनों पैदल चलते हुए तरनतारन रोड स्थित कस्बा चबा के बाबा नोध सिंह गुरुद्वारा साहिब में रुके। वहां तीनों ने चाय पी और फिर ऑटो से तरनतारन पहुंचे। तरनतारन पहुंचते ही गुरप्रीत का साला रछपाल सिंह तीनों को गांव रोड़ीवाल में ले गया। गांव में दोनों भाइयों की मां और बहन रह रही थीं। बहन के घर में तीनों रात भर रुके। अगले दिन जब सीआईए की टीम वहां पहुंची तो तीनों फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने उनकी मां और बहन को अरेस्ट कर लिया था। यहीं से विशाल इन दोनों से अलग हो गया था। 

जरनैल से पूछताछ में चला गुरप्रीत का पता 
जरनैल सिंह अमृतसर के गांव जेठू नांगल में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड के साथ श्री आनंदपुर साहिब चला गया। सीआईए ने जरनैल को वहां से गिरफ्तार किया। जरनैल ने पूछताछ में गुरप्रीत का ठिकाना बताया। इसके बाद पुलिस टीम जरनैल को साथ लेकर गुरप्रीत के ठिकाने जेखोनंगल पहुंची। पुलिस को देखकर गुरप्रीत ने गिरफ्तारी से बचने के लिए गर्म तरल पदार्थ पुलिस पार्टी पर फेंका। यह कांस्टेबल चरणबीर सिंह के मुंह पर गिरा और वह जख्मी हो गया। इसके बाद गुरप्रीत लकड़ी की सीढ़ी से मकान की छत पर चढ़ गया और वहीं से छलांग लगा दी। नीचे ईंटों का ढेर होने के कारण गुरप्रीत की टांग की हड्डी टूट गई। उसे सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
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