चंडीगढ़। छेड़छाड़ के मामले में जब्त आईफोन-12 को केस फाइल से निकालकर उसकी जगह आईफोन-7 रखने के आरोप में सीबीआई की विशेष अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर रामरतन शर्मा और सब-इंस्पेक्टर सत्यवान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने दोनों के खिलाफ सबूत मिटाने, सबूतों से छेड़छाड़ और विश्वासघात के आरोपों में दायर सीबीआई के आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए उन्हें बतौर आरोपी पेश होने के लिए तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी। इस मामले में शहर के एक बड़े मॉल के पूर्व महाप्रबंधक अनिल मल्होत्रा को भी आरोपी बनाया गया है।
छेड़छाड़ के केस में जब्त हुआ था आईफोन-12
मामला चार अप्रैल 2022 का है। इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर अनिल मल्होत्रा के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसका आईफोन-12 जब्त किया था। पुलिस ने इसके लिए जब्ती मेमो तैयार किया और केस डायरी में भी इसका उल्लेख किया था। सीबीआई के आरोप के अनुसार, इस फोन में मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मौजूद थे। आरोप है कि बाद में इंस्पेक्टर रामरतन शर्मा के कहने पर सब-इंस्पेक्टर सत्यवान ने जब्ती मेमो नष्ट कर दिया। इसके बाद केस फाइल में दर्ज आईफोन-12 को निकालकर उसकी जगह आईफोन-7 रख दिया गया। सीबीआई के अनुसार यह कथित बदलाव आरोपी अनिल मल्होत्रा को छेड़छाड़ के मामले में फायदा पहुंचाने के लिए किया गया।
फॉरेंसिक जांच में खुला फोन बदलने का राज
मामला सामने आने के बाद इसकी शिकायत सीबीआई तक पहुंची। सीबीआई ने करीब दो साल पहले रामरतन, सत्यवान और अनिल मल्होत्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) की रिपोर्ट भी सामने आई। इसमें पुष्टि हुई कि सील करके रखा गया फोन आईफोन-12 नहीं, बल्कि आईफोन-7 था। सीबीआई का आरोप है कि मल्होत्रा की गिरफ्तारी के समय आईफोन-12 जब्त करने वाले जांच अधिकारी को भी रामरतन के मौखिक आदेश पर अगले ही दिन जांच से हटा दिया गया था। जांच एजेंसी ने इसी घटनाक्रम को सबूतों से छेड़छाड़ और मामले को प्रभावित करने की साजिश का हिस्सा बताया है।
रामरतन की जमानत पर 11 अगस्त को सुनवाई
इंस्पेक्टर रामरतन शर्मा ने सीबीआई की विशेष अदालत में जमानत याचिका भी दायर की है। उनकी जमानत याचिका पर 11 अगस्त को सुनवाई होगी। वहीं अदालत की ओर से आरोपपत्र पर संज्ञान लिए जाने के बाद अब दोनों पुलिस अधिकारियों और अन्य आरोपी के खिलाफ मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।