चाचा विरेंद्र ने बताया कि जाखनी निवासी रवि (22) पांच साल से नीमराना स्थित एक ऑटो कंपनी में इंजीनियर था। रोजाना घर से वैन से नारनौल आता था। इसके बाद नारनौल से बस से नीमराना जाता है। गुरुवार को जल्दबाजी में ऑटो लिया था और हादसे का शिकार हो गया। रवि घर में इकलौता कमाने वाला था। मृतक रवि का छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। रवि की एक साल की बेटी है। हादसे की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसके बुजुर्ग पिता पर आ गई है।
ऑटो चलाकर घर चलाता था
चिंडालिया निवासी सतबीर (45) के दो बेटे व दो बेटियां है। दोनों बेटे अभी पढ़ाई कर रहे हैं। सतबीर ऑटो चलाकर परिवार का गुजर बसर कर रहा था। हादसे के बाद अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी पत्नी व बेटों पर आ गई है। गांव वालों ने बताया कि सतबीर रोजाना सुबह ऑटो लेकर नारनौल आता था। हादसे से घर में मातम परस गया है।
दो माह में तीन हादसे हुए
गांव रघुनाथपुरा के पास नहर की समीप दो माह में तीन हादसे हो चुके हैं। एक हादसे में दो बाइक सवारों की मौत हो गई थी। इसके अलावा एक बाइक सवार भी हादसे की शिकार हो गया था। तीसरे मामले में ऑटो के पलटने पर दो की मौत हो गई।
375 सड़क हादसों में 161 लोगों की मौत, 369 घायल हो चुके हैं
पिछले साल अक्तूबर तक 375 सड़क हादसों में 161 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 369 घायल हो गए थे। नारनौल-सिंघाना रोड सिंगल लेन का होने के कारण वाहन चालकों की थोड़ी से लापरवाही लोगों पर भारी पड़ जाती है। सड़कों पर यातायात साइनेज का अभाव, ब्रेकर न होना व रात में हैवी वाहनों के दबाव के कारण हादसे होते हैं।