जिले के लोगों तक पुलिस की पहुंच आसान बनाने व उनको न्याय दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी प्लानिंग जुट गया है। जिले में बढ़ रहे रिहायशी इलाकों को देखते हुए पुलिस ने मोहाली जिले में दो नए सब डिवीजन बनाने का फैसला लिया है। इनमें न्यू चंडीगढ़ स्थित मुल्लांपुर सब डिवीजन व जीरकपुर सब डिवीजन रहेगा। इतना ही नहीं इसके लिए दो नए डीएसपी भी तैनात किए जाएंगे।
इसके लिए अधिकारियों की मीटिंगों का दौर हो चुका है। सब कुछ सही रहा तो आने वाले कुछ दिनों में इस फैसले पर मोहर लग जाएगी। जानकारी के मुताबिक मोहाली जिले को सरकार चंडीगढ़ की तरह पूरी प्लानिंग से बसा रही है। इतना ही नहीं मोहाली के प्रत्येक हिस्से का बकायदा सिंगापुर की कंपनी से मास्टर प्लान तैयार किया गया है। उसी हिसाब से इलाके में विकास करवाया जा रहा है। वहीं अब समय के साथ मोहाली के रिहायशी एरिया भी बढ़ने लगा है। इसके अलावा कई नए नेशनल स्तर के संस्थान भी जिले में आए है। ऐेसे में पुलिस लोगों तक आसानी से पहुंच पाए। इसलिए नए सब डिवीजन बनाने की तरफ फैसला लिया गया है।
कुछ दिन पहले सीएम के साथ डीजीपी की मीटिंग हुई थी। जिसमें पूरे पंजाब में जिन इलाकों में नए सब डिवीजन बनाने की जरूरत महसूस की गई थी। उनके बारे में अधिकारियों की लिस्ट आदि तैयार करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद मोहाली जिला पुलिस ने इस दिशा में कार्रवाई शुरू की है।
दोनों सब डिवीजन में होंगे तीन-तीन थाने
पंजाब पुलिस
- फोटो : File Photo
दोनों सब डिवीजन में होंगे तीन-तीन थाने
जानकारी के मुताबिक जिला पुलिस ने जो तीन दो नए सब डिवीजन बनाने का फैसला लिया है। इसमें मुल्लांपुर व जीरकपुर रहेगा। मुल्लांपुर सब डिवीजन के अधीन नयागांव, माजरी और मुल्लांपुर आए। जबकि जीरकपुर पुलिस सब डिवीजन के तहत जीकरपुर, ढकौली व इंटरनेशनल एयरपोर्ट का थाना आएगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस फैसले संबंधी पूरी तैयारी कर ली गई है।
मोहाली जिले में आते चार पुलिस सब डिवीजन :
इससे पहले मोहाली जिले में चार सब डिवीजन आते थे। इसमें मोहाली सिटी-1 व सिटी-2, खरड़ व डेराबस्सी शामिल थे। इनके अधीन कई थाने आते थे। जबकि कुछ समय में नए एरिया विकसित हुए हैं। जिसके बाद से ही नए एरिया में भी थानों की जरूरत महसूस की गई है।
खरड़ और जीरकपुर में बढ़ रही है आबादी :
खरड़ और जीकरपुर में आबादी काफी बढ़ रही है। खरड़ पंजाब के सबसे बड़े विधानसभा हलकों में से आता है। इसी तरह जीकरपुर की जनसंख्या में भी डेढ़ लाख के करीब पहुंचनेे वाली है। ऐसे में लोगों की सुविधा को देखकर प्रशासन की तरफ से इस दिशा में यह फैसला लिया गया है।