लंबे इंतजार के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के अतिरिक्त जज के लिए दो नामों को केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय ने मंजूरी देते हुए बुधवार को इसकी नोटिफिकेशन जारी कर दी। नोटिफिकेशन के अनुसार, जालंधर के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज राजशेखर अत्री और हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल गुरविंदर सिंह गिल को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एडिशनल जज के तौर पर नियुक्त किये जाने के आदेश केंद्र सरकार ने जारी कर दिए हैं। जल्द ही राजशेखर अत्री और जीएस गिल हाईकोर्ट के जज के तौर पर पद की शपथ ले सकते हैं।
राजशेखर अत्री और जीएस गिल के हाईकोर्ट के जज के तौर पर नियुक्त होने पर अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जजों कि संख्या 48 हो जाएगी। हाईकोर्ट में जजों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या 85 है। इस लिहाज से अब भी हाईकोर्ट में जजों के कुल 37 पद खाली पड़े हैं, इस वजह से कोर्ट पर लगातार बोझ बढ़ता जा रहा है। अक्सर हालात ऐसे हो जाते हैं कि कार्यरत जजों के पास केस की सूची इतनी लंबी हो जाती है कि पूरा दिन लगाने पर भी सभी केसों की सुनवाई संभव नहीं हो पाती है।
हाईकोर्ट में दो लाख 85 हजार के करीब मामले लंबित पड़े हैं। इसको देखते हुए इससे पूर्व कुल स्वीकृत पदों की संख्या को बढ़ाया भी गया था, लेकिन स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ने का कार्यरत जजों की संख्या पर फर्क नहीं पड़ा और बीते काफी समय से जजों की संख्या का आंकड़ा 50 से नीचे ही चल रहा है।
बता दें की हाईकोर्ट के कोलेजियम ने गत वर्ष जून माह में सात वकीलों के नामों को भी जज के तौर पर नियुक्त किये जाने की सिफारिश भेजी थी, जिनमें सीनियर एडवोकेट अनिल खेत्रपाल, अरविंद सिंह सांगवान, राजबीर सेहरावत, महाबीर सिंह सिंधु, सुधीर मित्तल, हरनरेश सिंह गिल और अवनीश के नाम शामिल हैं। इन नामों पर अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है।