फरीदकोट में अपने परिवार के साथ गगनदीप व नलजोत कौर।
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उधर, 650 में से 648 अंक लेकर राज्य भर में दूसरा स्थान हासिल करने वाली नवजोत भी एक साधारण किसान परिवार की बेटी हैं और नॉन मेडिकल की पढ़ाई करके विदेश से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहती हैं। उसने भी अपनी सफलता का श्रेय परिवार व अध्यापकों को दिया और परमात्मा का भी आभार जताया। नवजोत के पिता विजय कुमार ने कहा कि बेटी की मेहनत ने रंग दिखाया है और परिवार का नाम भी रोशन किया है। इस सफलता के लिए स्कूल अध्यापकों का भी भरपूर योगदान रहा है।
गगनदीप कौर के पिता गुरसेवक सिंह ने कहा कि उन्हें पहले से ही उम्मीद थी कि उनकी बेटी पढ़ाई में टॉप करेगी और उसकी इस सफलता ने उनके परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उन्होंने कहा कि बेटी पढ़ाई के साथ-साथ गोल्ड मेडलिस्ट है। उसने विदेश में पढ़ाई करके पंजाब में बिजनेस करने का मन बनाया है।
जिला शिक्षा अधिकारी नीलम रानी ने भी छात्राओं की सफलता पर खुशी का इजहार किया और शिक्षा विभाग समेत पंजाब सरकार की तरफ से छात्राओं, अभिभावकों समेत स्कूल प्रबंधकों व अध्यापकों को बधाई दी। स्कूल प्रबंधक राज कुमार थापर ने भी शानदार नतीजों पर खुशी जताई और सफलता का श्रेय बच्चों की मेहनत व सभी अध्यापकों को दिया।
उन्होंने कहा कि उनकी संस्था ने पिछले सालों के दौरान भी बोर्ड परीक्षाओं में शानदार नतीजे हासिल किए हैं। जिला योजना कमेटी के चेयरमैन सुखजीत सिंह ढिलवां भी स्कूल में पहुंचे और पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां की तरफ से छात्राओं, उनके अभिभावकों समेत स्कूल प्रबंधकों के साथ खुशी को साझा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत खुशी हुई है और परमात्मा से अरदास करते हैं कि ये छात्राएं खूब आगे बढ़ें।
आईपीएस अफसर बनना चाहती हैं हरमनप्रीत कौर
दसवीं में 600 में से 546 अंक लाकर प्रदेश में तीसरे स्थान पर रही मानसा जिले की सरकारी सेकेंडरी स्कूल मंढाली की छात्रा हरमनप्रीत कौर आईपीएस बनना चाहती हैं। हरमनप्रीत कौर ने बिना कोचिंग यह सफलता हासिल की है। मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखने वाली छात्रा हरमनप्रीत कौर के पिता सुखविंदर सिंह किसानी के साथ-साथ आटा चक्की भी चलाते हैं। उन्होंने कहा कि बेटी की काबिलियत को देख वह अपनी सामर्थ्य अनुसार अधिक से अधिक पढ़ाएंगे। परिवार में हरमनप्रीत कौर समेत दो बेटियां ही हैं।