मौसम खराब होने के कारण एकबार फिर विमानों की उड़ान फंस गई। सिटी में कुल 18 उड़ान हैं, जिसमें से सिर्फ दो वीरवार को लैंड कर सकीं।
चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी दोपहर बाद 1200 मीटर तक पहुंची तो इंडिगो और स्पाइसजेट की फ्लाइट लैंड कर सकीं।
कई यात्री विमानन कंपनियों की खिड़की पर अपने रिफंड और जाने के इंतजाम के लिए भटकते रहे। कई विमानन कंपनियों ने बुधवार को मौसम की गड़बड़ी को देखते हुए अपनी फ्लाइट्स पहले से ही कैंसल कर दी थीं। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं, यात्रियों ने टैक्सी से दिल्ली तक जाना उचित समझा। चंडीगढ़ एयरपोर्ट के निदेशक कैप्टन एचएस तूर ने कहा कि आईएलएस की क्षमता 1200 मीटर है। इसी वजह से इससे कम विजिबिलिटी होती है तो फ्लाइट्स का आपरेशन संभव नहीं हो सकता है।
अप्रोच लाइट्स और इंस्ट्रूमेंट होगा लाभ
चंडीगढ़ में पुअर विजिबिलिटी को खत्म करने के लिए यहां मैट्रोलाजिकल इंस्ट्रूमेंट और अप्रोच लाइट्स को लगाना आवश्यक है। इसके लगाने के बाद विजिबिलिटी की स्थिति 550 मीटर तक हो जाएगी। यह काम चंडीगढ़ एयरफोर्स का है।