अमर शहीद सुखदेव के जन्म दिवस को समर्पित राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन गुरु नानक भवन में किया गया। इसमें मुख्य तौर पर पंजाब के ग्रामीण विकास, पंचायत, जलापूर्ति और सैनिटेशन विभाग के मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा शामिल हुए। इस समारोह की समाप्ति पर उस समय अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब शहीद के वारिस का दावा करने वाले दो परिवार मीडिया के सामने ही एक दूसरे से उलझ गए और एक दूसरे को नकली वारिस होने बताने लगे।
जालंधर से पहुंचे शहीद के वारिस का दावा करने वाले सुभाष थापर ने जिला प्रशासन द्वारा शहीद सुखदेव के वंशजों को उचित सम्मान न देने पर गहरा रोष जताया। उन्होंने कहा कि वह इस समारोह का बायकाट तो नहीं करते लेकिन उचित सम्मान न दिए जाने का अफसोस जरूर है। उन्होंने कहा कि वह किसी प्रकार का क्लेम नहीं करते है। उनकी एक ही मांग है कि शहीद की जन्म स्थली को सरकार अपने हाथ में लेकर लाइब्रेरी और म्यूजियम स्थापित करे।
वहीं शहीद सुखदेव के नाती विशाल नैयर को जिला प्रशासन ने सम्मानित किया। उन्होंने मीडिया के सामने ही जालंधर के सुभाष थापर के दावे को झूठ करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मांग की कि शहीद के सही वंशज के बारे में जांच करवाकर झूठे लोगों पर एफआईआर दर्ज की जाए।