थाना टिब्बा के इंचार्ज इंस्पेक्टर स्वर्ण सिंह ने बताया कि प्रमोद एक निजी फैक्ट्री में काम करता है। सुभाष नगर इलाके में वह किराए के मकान में रहता है। सोमवार को उसकी बहन सुनीता और जीजा सुनील मिलने के लिए आए हुए थे। सारा परिवार इकट्ठे बैठकर बातें कर रहा था। इसी दौरान ठंड से बचने के लिए सभी ने अंगीठी जला ली। बातें करते हुए परिवार ने अंगीठी नहीं उठाई और सभी सो गए।
देर रात कमरे के अंदर गैस बन गई और दम घुटने से सभी लोग बेहोश हो गए। सुबह काफी समय तक परिवार नहीं उठा तो पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई जवाब न आने पर पड़ोसियों ने सभी को इकट्ठा किया। मालिक को इसकी जानकारी दी। जब दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर गैंस की बदबू से सभी बाहर ही रुक गए।
अंदर देखा तो प्रमोद और उसका परिवार अंदर बेहोश पड़ा था। इंस्पेक्टर स्वर्ण सिंह ने बताया कि एंबुलेंस की मदद से सभी को सिविल अस्पताल पहुंचा दिया गया। जहां डाक्टरों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रमोद की हालत कुछ ठीक है, जबकि बाकी तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है। पारिवारिक सदस्यों के ठीक होने के बाद बुधवार को दोनों बच्चों के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।