करनाल के गांव काछवा में बड़े गुरुद्वारे के समीप तालाब में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। दो बच्चों की मौत के बाद गांव में मातम छाया है। मृतक बच्चों की मां सोनिया ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे दोनों बच्चे घर के आंगन में खेल रहे थे और वह अपने काम में व्यस्त थी। थोड़ी देर में उन्होंने बच्चों को आवाज लगाई तो कहीं नजर नहीं आए।
गली में इधर-उधर देखा तो किसी ने बताया कि दोनों तालाब के आसपास दिखे थे। यह सुनकर सोनिया चिल्लाती हुई घर आई और जेठ को आवाज लगाई। जेठ रमेश कुमार वहां गया तो दोनों तालाब में डूबे थे। उसने दोनों बच्चों को बाहर निकाला और स्थानीय अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। शुभम(11) छठी तथा विशाल (9) पांचवीं कक्षा में पढ़ता था। पिता राजपाल ने बताया कि उसके दो लड़के व एक छोटी लड़की है। दोनों होनहार थे। परिवार के सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल है।
यह भी पढ़ें- कांग्रेस को झटका दे सकते हैं सिद्धू, इस पार्टी में शामिल होकर बनना चाह रहे सीएम चेहरा
ग्रामीण बोले- चार बच्चों की पहले भी हो चुकी है मौत
दो बच्चों की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि इस तालाब में डूबकर चार बच्चों की पहले भी मौत हो चुकी है। यह कोई पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं लेकिन हर बार नई पंचायत आने पर इस तालाब की खुदाई की जाती है। यह 30 फीट गहरा है। न कोई इसकी चाहरदीवारी कराता है न इसे कोई बंद करता है। यह मौत का तालाब बन चुका है।
काछवा गांव के सरपंच अजय कुमार ने बताया कि इस तालाब का निर्माण कार्य चल रहा है जो पंचायती राज करा रही है। इसे फाइव पाउंड बनाना है। इसकी निशानदेही भी हो चुकी है यह एक छोटा सा गड्ढा था, जिसमें बच्चों की मौत हुई है।