पंजाब के जालंधर में करतारपुर पुलिस और वन विभाग ने मिलकर जानवरों की तस्करी करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। 95 लाख रुपये में बंगाल टाइगर के शावक को बेचने की डील कर रहे तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर दो को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरा तस्कर फरार है।
वन विभाग के वन रेंज अफसर जसवंत सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उन्हें गुप्त सूचना मिली है कि किशनगढ़ में द पेट क्लब नाम की दुकान चलाने वाला मनीष कुमार जंगली जानवरों की तस्करी करता है।
जांच में पता चला कि वह व्हाट्सएप ग्रुप में ग्राहकों को बंगाल टाइगर के शावक की वीडियो भेजकर 95 लाख रुपये में उसे बेचने की कोशिश कर रहा है। थाना करतारपुर के प्रभारी रमनदीप सिंह ने बताया कि शिकायत मिलते ही वन विभाग के साथ मिलकर मामले की जांच की गई। इसके बाद द पेट क्लब नाम की दुकान के संचालक मनीष कुमार निवासी नगला, जालंधर, अनमोल कुमार निवासी तेज मोहन नगर जालंधर अनमोल और दीपांशु अरोड़ा निवासी न्यू देओल नगर के खिलाफ नेशनल वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत 10 धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
इसके बाद मनीष कुमार और अनमोल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस ने बताया कि दोनों ने बताया कि गिरोह का मुख्य कर्ताधर्ता दीपांशु है। दीपांशु अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। गिरोह जंगली जानवरों के साथ ही मोर, तोते और अन्य पालतू जानवरों की तस्करी भी करता है। मनीष कुमार ने माना कि उसने अब तक गिरोह के साथ मिलकर 6-6 हजार रुपये में पांच बाज और तीन कछुए बेचे हैं।
वन विभाग के अफसर ने बताया कि दोनों ने स्वीकार किया कि गिरोह मोबाइल की मदद से सोशल मीडिया पर ग्राहकों के ग्रुप बनाकर जंगली जानवरों की फोटो और वीडियो डालता हैं, जिससे ग्राहक इनके संपर्क में आते हैं और फिर वे तस्करी को अंजाम देते हैं। पुलिस ने मनीष और अनमोल को गिरफ्तार कर लिया है।