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Chandigarh News: ट्राइसिटी के कारोबारियों से रंगदारी वसूलने वाले दो दबोचे, दो लाख नकद, तीन पिस्टल भी बरामद

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चंडीगढ़। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर ट्राइसिटी के व्यापारियों को धमकाकर रंगदारी मांगने वाले दो गुर्गों को पुलिस ने दबोचा है। पुलिस ने आरोपियों से रंगदारी के 2.02 लाख रुपये और तीन पिस्टल व कारतूस बरामद किए हैं। इनकी पहचान गैंगस्टर दीपू बनूड़ के चचेरे भाई बनूड़ निवासी रवि (34) और मलोया निवासी सोमदत्त (34) के रूप में हुई है। ये दोनों पटियाला जेल में बंद दीपू बनूड़ के इशारों पर काम कर रहे थे। पुलिस जल्द ही दीपू बनूड़ को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करेगी।शनिवार को प्रेसवार्ता में डीएसपी जसबीर सिंह ने बताया कि गैंगस्टर लॉरेस बिश्नोई के करीबी दीपू बनूड़ के गुर्गे उसके इशारों पर बिजनेसमैन, प्रॉपर्टी डीलर्स, बिल्डर्स, होटल, रेस्टोरोंट व नाइट क्लब के मालिकों के साथ शराब कारोबारियों को धमकी देकर रंगदारी मांगते थे। इसी बीच एक सूचना के आधार पर 18 जुलाई को औद्योगिक क्षेत्र से रवि बनूड़ को दो पिस्टल और सात कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रवि से एक एक्टिवा व रंगदारी के एक लाख 57 हजार रुपये बरामद की। वहीं, उसकी निशानदेही पर मलोया कॉलोनी निवासी सोमदत्त को गिरफ्तार कर एक पिस्टल, दो कारतूस, एक मोबाइल फोन और 45 हजार रुपये बरामद किया गया।
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पटियाला जेल से चल रहा फिरौती का धंधा
ऑपरेशन सेल की जांच में सामने आया कि गैंगस्टर दीपू बनूड़ इस समय पटियाला जेल में बंद है। वह जेल के अंदर से ही लोगों से रंगदारी मांगने का धंधा चला रहा है। दरअसल रवि बनूड़ उसका चचेरा भाई है, जिसका जेल में दीपू बनूड़ से अक्सर मिलना-जुलना होता है। पुलिस के मुताबिक दीपू बनूड़ रंगदारी न देने पर लोगों को जान से मारने की धमकियां देता है। उसके इशारों पर ही रवि बनूड़, सोमदत्त, अमनदीप सिंह उर्फ मनी राजपूत व अन्य फिरौती की रकम लेकर आते हैं। पुलिस अब मनी राजपूत व अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

रंगदारी की रकम का ड्रग्स के कारोबार में लगा रहे
जांच में सामने आया कि आरोपी 6 माह में 50 लाख की रंगदारी वसूल चुके हैं। इस रकम को वह ब्याज पर देने, ड्रग्स, हथियार खरीदने और जुआ में हिस्सा डालने में इस्तेमाल करते थे ताकि उनकी रकम और भी ज्यादा बढ़ सके। कुछ रकम वह अपने करीबियों के खातों में डालते थे, जो दीपू बनूड़ के खाते में डलवा देते थे। 25 से 30 लाख की रंगदारी की रकम के पुलिस को कागजी सबूत भी मिल चुके हैं।
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एक कार बाजार में काम करता था, तो दूसरा लोहे के दरवाजे बेचता था
पुलिस के अनुसार रवि बनूड़ पहले जीरकपुर स्थित भाटिया कार बाजार में काम करता था, जबकि सोमदत्त लोहे के दरवाजों का विक्रेता था। रवि बनूड़ पर 2021 से 2023 तक हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट के अलावा पंजाब के खन्ना एरिया में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत केस दर्ज है, जबकि सोमदत्त पक्का सटोरिया है, जिस पर चंडीगढ़ व पंजाब में गैंबलिंग एक्ट के कुल 15 केस दर्ज हैं। ये सभी केस 2021 से 2023 तक दर्ज हुए हैं।
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