पुलिस स्टेशन मनीमाजरा के सामने ढाई करोड़ की लागत से बने शिवालिक गार्डन में इन दिनों कुत्तों का राज है। आलम यह है दर्जनों की तादाद में सुबह, दोपहर शाम तक लावारिस कुत्ते पार्क में खुले आम घूमते है। यही नहीं दिन में लावारिस कुत्ते जोगिंग ट्रैक पर लेटे रहते हैं। शाम होते ही यह कुत्ते गार्डन में बैठने के लिए लगाए में बैंचों के नीचे बैठ जाते है। इस कारण गार्डन में सैर करने आने वाले लोगों के साथ गार्डन में बैठ कर अपने फुरसत के पल गुजराने वाले लोगों को कुत्ते के कारण भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
कुत्तों के डर के कारण गार्डन में आने वाले महिलाओें, बच्चों और बुजुर्ग को सबसे ज्यादा समस्या उठानी पड़ती है। गार्डन में रोजाना सैर करने आने वाले कर्नल गुरसेवक सिंह, समाजसेवी रामेश्वर गिरि का कहना कि अगर कोई गार्डन में बैठे या घूम रहे कुत्तों को हटाने की कोशिश करता है तो कुत्तों का झुंड उन्हें काटने को दौड़ता है।
बताया गया है कि इन कुत्तों ने गार्डन आए कई लोगों को काटा भी है। गार्डन में दिनभर कुछ लोगों को ग्रुप बना कर जुआ खेलते हुए भी देखा गया है। इसके साथ गार्डन में शाम को बच्चे जमकर क्रिकेट खेलते हैं। रामेश्वर गिरि ने बताया कि गार्डन में पहले 6 सुरक्षा गार्ड रखे गए थे। जोकि गार्डन के सुरक्षा का ध्यान रखने के साथ साथ गार्डन में बच्चों के खेलने से रोकते थे। जुआ खेलने और कुत्तों आदि अन्य जानवरों को गार्डन में घुसने से रोकते थे। जबकि अब सुरक्षा गार्ड तो दूर कोई बागवानी विभाग को कर्मचारी भी दिखाई नहीं देता है।
वहीं बागवानी विभाग के एक्सईएन कृष्णपाल सिंह का कहना कि ऐसा होना नही चाहिए। उन्होंने कहना कि अगर गार्डन में इस तरह की समस्या आ रही है तो वह इसका जल्द समाधान करवा देंगे।
चार के दिन से अंधेरे में ढाई करोड़ का गार्डन
देर शाम गार्डन में सैर करने और घूमने आने वालों को अंधेरे से छुटकारा दिलवाने के लिए लाखों रुपये की लागत से गार्डन में लगाई गई हाईमास्ट लाइटें भी चार दिन से बंद पड़ी है। समाजसेवी गिरि ने बताया कि पिछले चार दिन से गार्डन में लगी लाइटें बंद होने के कारण शाम होते ही पूरे गार्डन में अंधेरा छा जाता है। गिरि ने बताया कि लाइटें बंद रहने से शाम को 6 बजे के बाद कुछ ही दूरी पर खड़ा व्यक्ति भी गार्डन में दिखाई नहीं देता है। ऐसे में शाम को गार्डन में आने वाली महिलाओं और बच्चों को परेशानी तो होती है। साथ में किसी अप्रिय घटना होने का डर भी लगा रहता है।