जल्द ही दो नई फ्लाइट्स चंडीगढ़ से शुरू हो सकती हैं। इसके लिए टाटा ने सिंगापुर एयरलाइंस के साथ हाथ मिलाया है। यह गठबंधन करके टाटा सिया और एयर एशिया इंडिया का गठन किया गया है।
टाटा सिया एयरलाइन ने एयर आपरेटर परमिट के लिए डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन को पत्र लिखकर अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा है। डीजीसीए ने पिछले महीने पब्लिक नोटिस भी जारी किया था। टाटा सिया के पास दो प्रकार के एयरक्राफ्ट हैं। इसमें ए 320-200 शामिल है। इसकी शुरुआत सितंबर से हो सकती है।
दिल्ली होगा हब, सिटी जुड़ेंगे सब
टाटा सिया एयरलाइन का आपरेशन प्वाइंट नई दिल्ली होगा। इसको कंपनी हब के रूप में इस्तेमाल करेगी। योजना के तहत पहले साल मुंबई, गोवा, पटना, चंडीगढ़, श्रीनगर, हैदराबाद और बंगलुरु को कनेक्ट किया जाएगा। प्राथमिक चरण में दिन में दो फ्लाइट्स होंगी। मेट्रो के साथ ही कंपनी श्रीनगर, पटना, चंडीगढ़ और जम्मू को कनेक्ट करेगी। टाटा सिया एयरलाइन के प्रस्तावित डेस्टिनेशन में चेन्नई, पुणे, लखनऊ, वाराणसी, जयपुर, कोलकाता, अमृतसर, इंदौर, कोचीन है। यह फ्लाइट्स दूसरे फेज में शुरू की जाएंगी।
87 फ्लाइट, ग्यारह डेस्टिनेशन
टाटा सिया पहले दौर में 87 फ्लाइट्स आपरेट करेगा। यह फ्लाइट्स ग्यारह डेस्टिनेशन को कनेक्ट करेंगी। चार साल में कंपनी का लक्ष्य 310 फ्लाइट्स के साथ 21 डेस्टिनेशन को कनेक्ट करने का है।
अभी सिटी से हैं पंद्रह फ्लाइट्स
चंडीगढ़ से अभी कुल पंद्रह फ्लाइट्स हैं। इन फ्लाइट्स में गो एयर, इंडिगो, स्पाइसजेट, जेट कनेक्ट, जेट एयरवेज और एयर इंडिया शामिल हैं।