फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: बैंकों से 300 करोड़ के घोटाले में दो आरोपियों ने मांगी विदेश जाने की अनुमति

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। अलग-अलग बैंकों से 300 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी व मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में दो आरोपियों राधिका और अमन कृपाल ने विदेश जाने के लिए में ईडी की विशेष अदालत में आवेदन किया है। अदालत ने आवेदन पर सुनवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी कर 19 अक्तूबर को जवाब दाखिल करने को कहा है। दिल्ली सीबीआई ने 8 अगस्त 2016 को एक केस दर्ज किया था जिसमें नामजद बैंक अधिकारियों पर हांगकांग की कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप था। सीबीआई की ओर से 300 करोड़ का घोटाला उजागर करने के बाद सुखविंदर सिंह छाबड़ा समेत 50 आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मामला दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। सीबीआई की ओर से मामले के मुताबिक, चंडीगढ़ इंडियन ओवरसीज बैंक के फॉरेक्स डिपार्टमेंट में 2010 से तैनात आशु मेहरा और अन्य ने मिलकर हांगकांग की कंपनी को फायदा पहुंचाया। इसके चलते इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक की दुबई शाखा और बैंक ऑफ बड़ौदा की बहामास शाखा को 47.86 मिलियन अमेरिकी डॉलर का लोन मिला। हांगकांग स्थित कंपनी मेसर्स कलर वेब लिमिटेड ने भुगतान के लिए पंजाब नेशनल बैंक अधिकारियों से संपर्क किया था। अधिकारियों की अनुमति के बिना बैंक ऑफ बड़ौदा की दुबई और बहामास शाखाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए गए। उसके आधार पर दोनों बैंकों ने विदेश में उन कंपनियों को करोड़ों रुपये का भुगतान जारी कर दिया। बाद में कंपनी ने उक्त बैंकों से लिया गया करीब 300 करोड़ रुपये का लोन वापस नहीं किया। छाबड़ा ने इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा से करीब 300 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी। सीबीआई के बाद ईडी ने भी इस मामले में 50 आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की धाराओं के तहत जांच कर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें