दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन में कई जिलों से खापों के प्रतिनिधि और किसान लगातार पहुंच रहे हैं। वहीं सोमवार को किसान एकता मोर्चा का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है। किसान आंदोलन को लेकर ज्यादा पोस्ट करने वाले कई अन्य ट्विटर अकाउंट भी सस्पेंड किए गए हैं। इधर, तीन फरवरी को किसान नेता राकेश टिकैत जींद का दौरा करेंगे और लोगों से किसान आंदोलन के लिए समर्थन मांगेंगे।
खटकड़ टोल पर किसानों ने अन्ना हजारे के नाम खुला पत्र लिखकर उनसे आंदोलन में शामिल होने की मांग की है। सोनीपत के कुंडली बॉर्डर पर किसानों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। हरियाणा व पंजाब से किसान लगातार पहुंच रहे हैं। वहीं पंजाब में किसानों के समर्थन में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता और पूर्व पुलिस कर्मचारियों ने सोमवार को समर्थन की घोषणा करते हुए धरना दिया। साथ ही दीप सिद्धू के खिलाफ नारोबाजी की। दिल्ली हिंसा में नामजद आरोपी लक्खा सिधाना के समर्थन में पंचायतें उतर आई हैं और समर्थन का प्रस्ताव पास किया गया।
बठिंडा में दल खालसा, शिरोमणि अकाली दल अमृतसर, पंजाबी मां बोली सतिकार सभा, सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन और वकील भाईचारे की तरफ से पैदल रोष मार्च निकाला गया। पठानकोट में किसान आंदोलन के समर्थन में पठानकोट-अमृतसर नेशनल हाइवे स्थित मलिकपुर चौक में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के वकीलों और रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों ने परिवारों समेत धरना दिया। इस दौरान दीप सिद्धू के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने दीप सिद्धू और केंद्र सरकार के बीच रिश्तों की जांच दिल्ली हाइकोर्ट के मौजूदा जज से करवाने की मांग रखी। हरियाणा के रेवाड़ी के खेड़ा बॉर्डर पर किसानों का धरना जारी रहा। यहां पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने डीसी को ज्ञापन देकर हाईवे खाली कराने की रखी मांग की है। इधर, किसानों के सांसद मार्च की घोषणा के मद्देनजर बहादुरगढ़ के तीन स्टेशनों समेत चार स्टेशनों से मेट्रो सेवा आठ घंटे स्थगित रही। लगभग डेढ़ लाख यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि किसान नेता पहले ही इस घोषणा को वापस ले चुके थे।
लक्खा सिधाना के हक में उतरी पंचायत
लाल किले में 26 जनवरी को हुई घटना के मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से नामजद युवक लक्खा सिधाना के गांव सिधाना की पंचायत और ग्रामीणों ने रविवार को एक प्रस्ताव पास किया। जिसमें उन्होंने एलान किया कि वो लक्खा के साथ हैं। पंचायत के प्रस्ताव का वीडियो भी ग्रामीणों ने वायरल किया है। जिसमें सरपंच बूटा सिंह एवं खेत मजदूर के नेता कौर सिंह ने कहा कि पूरे गांव के लोग लक्खा सिधाना के साथ हैं। लक्खा सिधाना गद्दार है तो पूरा गांव गद्दार है।
तिरंगा यात्रा निकालकर लाल किले के लिए रवाना हुए किसान
कृषि कानूनों के विरोध में पानीपत से किसान तिरंगा लेकर लाल किले के लिए रवाना हुए। वहीं अंबाला में बुजुर्ग किसान आंदोलन पर डटे हुए हैं। कुरूक्षेत्र से किसानों का दिल्ली कूच अभी भी जारी है। वहीं टोल प्लाजा पर भी संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।