रोहतक के महम शहर के वार्ड नंबर पांच में बेटी का कनाडा जाने का वीजा न लगने के कारण परेशान होकर जहर निगलकर आत्महत्या करने वाले भिवानी में तैनात जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक संजय की मौत के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। मृतक की पत्नी अनीता का कहना है कि उनके पति की मौत के बाद कंपनी ने चार लाख रुपये उनके बैंक खाते में भेजे हैं। इससे पहले कभी 20 हजार तो कभी 30 हजार रुपये भेजे। अब भी 10 लाख के करीब रुपये कंपनी में फंसे हुए हैं।
दूसरी ओर आरोपी एवं इनेलो के पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश राठी का कहना है कि उसने तो केवल सलाह दी थी। वीजा के लिए राशि कंपनी के खाते में परिवार द्वारा डाले गए थे। उसका नाम मामले में बेवजह घसीटा जा रहा है। उधर, मामले की जांच कर रहे एसआई सोमबीर का कहना है कि गहराई से मामले की छानबीन कर रहे हैं। अभी किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
यह है मामला
पुलिस के मुताबिक, वार्ड नंबर 5 निवासी अनीता ने पुलिस शिकायत में बताया था कि उसकी बेटी को पढ़ाई के लिए कनाडा जाना था। उनके पति संजय कुमार ने जुलाई 2023 में सतीश राठी के कहने पर एक कंसल्टेंट कंपनी के खाते में 16 लाख रुपये 19 जुलाई को और 70 हजार रुपये अगले दिन आरटीजीएस द्वारा ट्रांसफर कर दिए। उसने फिर कंपनी के कहने पर 1.30 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बताया कि दिसंबर 2023 को उसकी बेटी और पति चंडीगढ़ गए और कंपनी को वीजा न लग पाने के कारण रकम वापस देने के लिए आग्रह किया। आरोप है कि कंपनी ने रुपये नहीं लौए। इससे परेशान होकर संजय कुमार ने 24 जनवरी को जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने इनेलो के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश राठी और ग्रुप के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया था।