हरियाणा में पिछले दो महीने के भीतर वोट बनाओ अभियान में करीब पौने चार लाख नए वोट बने हैं। अब सूबे में कुल एक करोड़ उनसठ लाख अड़सठ हजार मतदाता हो गए हैं।
वर्ष 2009 के चुनाव में कुल मतदाता एक करोड़ बीस लाख सतासी हजार सात सौ तैंतालीस थे। यानी पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार 39 लाख नए मतदाता अपने मत का अधिकार कर सकेंगे।
हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी श्रीकांत वाल्गद ने बताया कि प्रदेश में 15 जनवरी, 2014 से 22 मार्च, 2014 तक नए वोट बनाने का अभियान चलाया गया। इस अवधि में 3, 73, 394 नए मतदाता बने हैं।
उन्होंने बताया कि लोगों ने वोटर आई कार्ड बनवाने के लिए उत्साह दिखाया। परिणामस्वरूप तीन महीने में सब नए वोटरों 3, 73, 394 ने नया वोटर आई कार्ड बनवा लिया है। इससे उम्मीद है कि इस बार लोकसभा चुनाव में मतदान ज्यादा होगा।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची अपडेट करने का काम जारी रहता है। इसके अलावा 9 मार्च को एक विशेष शिविर आयोजित किया गया ताकि लोग अपने मत का प्रयोग करने के लिए वोटर आई कार्ड बनवा सकें। उन्होंने बताया कि मतदान के दिन मतदाताओं को वोटर कार्ड के साथ-साथ एक स्लिप भी दी जाएगी।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में करीब एक लाख सर्विस वोटर हैं। इनमें ज्यादातर रक्षाकर्मी हैं। सर्विस वोटरों के लिए पोस्टल बैलेट पेपर तैयार करने का काम शुरू हो चुका है और 26 मार्च को उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने के बाद बैलेट पेपर की छपवाई करवाई जाएगी। यह पोस्टल बैलेट पेपर सर्विस मतदाताओं को मतदान के लिए भेजे जाएंगे ताकि वे अपने मत का प्रयोग सकें।
पिछले चुनाव में हुआ था 67.94 फीसदी मतदान
2009 के लोकसभा चुनाव में 67.94 मतदान हुआ था। वर्ष 2004 में के लोकसभा चुनाव में 65.72, 1999 में 63.68, 1998 में 68.99, 1996 में 70.48 फीसदी मतदान हुआ था।