ट्राइसिटी के ट्रकों का सोमवार से चक्का जाम रहेगा। ट्राइसिटी के ट्रांसपोर्टर सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल पर जा रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों की माग है डीजल के दामों को क्वार्टरली आधार पर रिवाइज किया जाए। ट्रांसपोर्टरों की यह हड़ताल नौ अक्तूबर को सुबह आठ बजे से शुरू होगी। ट्रक मालिक और आपरेटर दोनों जीएसटी के खिलाफ हैं और उनकी मांग है कि डीजल को इनडायरेक्ट टैक्स में शामिल किया जाए।
ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से दो दिन तक समान के साथ ही फूड की सप्लाई बाधित हो सकती है। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष केके अबरोल ने कहा कि जीएसटी के बाद ट्रांसपोर्ट बिजनेस काफी प्रभावित हो गया है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि डीजल के रोजाना बदलने वाले दाम की वजह से ट्रांसपोर्ट बिजनेस पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है। ट्रक की ऑपरेटिंग कास्ट में सत्तर फीसदी योगदान डीजल और टॉल का होता है।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए। जिससे उसके दामों में एकरूपता हो। इसके साथ ही डीजल के दामों में परिवर्तन क्वार्टली आधार पर किया जाना चाहिए। चंडीगढ़ में करीब दो हजार ट्रक हैं। ट्रकों की स्ट्राइक की वजह से चंडीगढ़ से सामान की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
जीएसटी के बाद से प्रभावित है कारोबार
चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष केके अबरोल ने बताया कि जीएसटी के लागू होने के बाद सामान की सप्लाई पर सीधा असर हुआ है। उन्होंने कहा कि लोग माल भेजने के लिए बुकिंग ही नहीं करवा रहे हैं। जिसकी वजह से धंधा मंदा हो चुका है।