लुधियाना के ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रांसपोट्र्स की ओर से किए गए चक्का जाम के दौरान खड़े ट्रक।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर सोमवार सुबह से ट्रांसपोर्टर 36 घंटे के लिए हड़ताल पर चले गए। इससे बुकिंग, डिलीवरी, लोडिंग ओर अनलोडिंग का काम पूरी तरह से ठप रहा। ट्रांसपोर्ट नगर में सन्नाटा पसरा रहा। हड़ताल मंगलवार शाम छह बजे तक जारी रहेगी। उधर ट्रांसपोर्ट्स संगठनों ने हड़ताल को पूरी तरह से कामयाब करार दिया है।
यह हैं मांगें
ट्रांसपोर्टर पेट्रोल एवं डीजल को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि ऐसा होता है तो पेट्रोल की कीमत में 17 से 18 रुपये प्रति लीटर तक की कमी आ सकती है। इससे महंगाई को कम करने में भी मदद मिलेगी। दूसरी मांग है कि उनको जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाए। फिलहाल सरकार का तर्क है कि यदि माल भेजने वाले के पास जीएसटी नंबर है और पाने वाले के पास नहीं तो इसका टैक्स ट्रांसपोर्टर जमा कराएगा। ट्रांसपोर्टरों का तर्क है कि यह संभव नहीं है। दूसरे की कमियों का खामियाजा ट्रांसपोर्टर भुगतने को तैयार नहीं हैं। तीसरी मांग है कि हाईवे पर ट्रक ड्राइवरों के साथ हो रही लूट को बंद कराया जाए।
हड़ताल को कामयाब करने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर में लुधियाना गुड्स ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के प्रधान दीदार सिंह, महासचिव जेसी अग्रवाल, लुधियाना ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जसमीत सिंह प्रिंस, महासचिव मोहन सिंह गिल के नेतृत्व में कारोबारियों ने डोर टू डोर जाकर बंद कराया। एसोसिएशन के सचिव जगदीश सिंह जस्सोवाल ने दावा किया है कि हड़ताल को भरपूर समर्थन मिला है।
लुधियाना के ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रांसपोट्र्स की ओर से किए गए चक्का जाम के दौरान खड़े ट्रक।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर सोमवार सुबह से ट्रांसपोर्टर 36 घंटे के लिए हड़ताल पर चले गए। इससे बुकिंग, डिलीवरी, लोडिंग ओर अनलोडिंग का काम पूरी तरह से ठप रहा। ट्रांसपोर्ट नगर में सन्नाटा पसरा रहा। हड़ताल मंगलवार शाम छह बजे तक जारी रहेगी।
उधर, ट्रांसपोर्ट्स संगठनों ने हड़ताल को पूरी तरह से कामयाब करार दिया है। हड़ताल को कामयाब करने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर में लुधियाना गुड्स ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के प्रधान दीदार सिंह, महासचिव जेसी अग्रवाल, लुधियाना ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जसमीत सिंह प्रिंस, महासचिव मोहन सिंह गिल के नेतृत्व में कारोबारियों ने डोर टू डोर जाकर बंद कराया। एसोसिएशन के सचिव जगदीश सिंह जस्सोवाल ने दावा किया है कि हड़ताल को भरपूर समर्थन मिला है।
जालंधर: पंजाब भर के करीब 1 लाख ट्रक ऑपरेटरों ने सोमवार को चक्का जाम कर दिया। वे डीजल को जीएसटी में शामिल न करने, ट्रांसपोर्ट पर जीएसटी स्पष्ट न होने और बढ़ी हुई डीजल की कीमतों के विरोध में हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल का आह्वान 36 घंटों के लिए किया गया है।
ऑल ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रधान हैप्पी संधू ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद ट्रांसपोर्ट कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत विभिन्न नीतियों की वजह से टांसपोर्ट क्षेत्र में काफी मश्किलें पैदा हो गई हैं। डीजल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी और रोजाना उतार चढ़ाव ट्रांसपोर्ट क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रक ऑपरेटरों को सबसे ज्यादा मार डीजल और टोल खर्च की पड़ती है। देश में जीएसटी को आनन-फानन में लागू तो कर दिया गया, लेकिन जानबूझ कर डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं रखा गया है। अगर सरकार ऐसा करती तो आज डीजल व पेट्रोल की कीमतें आसमान न छूती। उन्होंने मांग की है कि डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाए।