ट्राइसिटी में पिछले कुछ वर्षों के दौरान गैंगवार, रंगदारी, हत्या और आतंकी गतिविधियों से जुड़े इनामी गैंगस्टरों का नेटवर्क लगातार सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है।
पंजाब सरकार की ओर से जारी 28 मोस्ट वांटेड गैंगस्टरों की सूची में शामिल कई बड़े नामों का सीधा संबंध ट्राइसिटी से जुड़ा है। इनमें गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा, हरि बॉक्सर, डोनी बल, लक्की पटियाल और आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा शामिल हैं। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां इन गैंगस्टरों के नेटवर्क, फंडिंग और स्थानीय संपर्कों की लगातार जांच कर रही हैं।
पंजाब सरकार ने गैंगस्टर फ्री पंजाब अभियान के तहत इन आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए इनाम घोषित किया है। इनमें कई गैंगस्टर विदेश में बैठकर ट्राइसिटी समेत पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में नेटवर्क संचालित करने के आरोपों में जांच के दायरे में हैं। ऑपरेशन सेल के डीएसपी विकास श्योकंद ने कहा कि सक्रिय गैंगस्टरों और उनके गुर्गों की पहचान कर सूची तैयार की गई है, उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
गोल्डी बराड़ : मूसेवाला हत्याकांड के बाद भी गिरफ्त से बाहर
श्री मुक्तसर साहिब निवासी गोल्डी बराड़ पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित है। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई का नाम सामने आने के बाद वह लगातार चर्चा में रहा। चार वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद वह गिरफ्तारी से दूर है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार उसके कनाडा में छिपे होने की आशंका है। सूत्रों के अनुसार गोल्डी बराड़ पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हिस्सा था लेकिन अब दोनों अलग-अलग नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। नवंबर 2024 में सेक्टर-26 स्थित एक क्लब के बाहर हुए बम धमाके में भी गोल्डी बराड़ गैंग का नाम सामने आया था।
रोहित गोदारा : रंगदारी मामलों में बढ़ी सक्रियता
राजस्थान निवासी रोहित गोदारा पर भी 10 लाख रुपये का इनाम घोषित है। जांच एजेंसियों के अनुसार वह फिलहाल गोल्डी बराड़ के साथ मिलकर नेटवर्क संचालित कर रहा है। हाल ही में सेक्टर-40 के एक इमिग्रेशन कारोबारी से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में उसका नाम सामने आया था। इस संबंध में सेक्टर-39 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इसी नेटवर्क से जुड़े राजपुरा निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोल्डी राजपुरा पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित है। सुरक्षा एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए हैं।
हरि बॉक्सर : गैंगवार के बाद सुर्खियों में
राजस्थान निवासी हरिचंद उर्फ हरि बॉक्सर पर पांच लाख रुपये का इनाम है। उसे लॉरेंस बिश्नोई का करीबी माना जाता है। दिसंबर 2025 में सेक्टर-26 में सेक्टर-33 निवासी इंद्रप्रीत उर्फ पैरी की हत्या के बाद हरि बॉक्सर और गोल्डी बराड़ के बीच धमकियों का दौर शुरू हो गया था। दोनों गैंगों की ओर से ऑडियो संदेश जारी किए गए थे। पैरी को पहले लॉरेंस बिश्नोई का करीबी माना जाता था।
आतंकी रिंदा पर एनआईए की नजर
आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित है। रिंदा को आतंकी घोषित किया जा चुका है और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) उससे जुड़े मामलों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार उसका पुराना कनेक्शन चंडीगढ़ से भी जुड़ा रहा है। उस पर चंडीगढ़ पुलिस के एक इंस्पेक्टर की हत्या की साजिश रचने के आरोप भी लग चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक रिंदा पाकिस्तान में बैठकर आईएसआई के लिए काम कर रहा है।
डोनी बल : रंगदारी से छात्र नेता पर फायरिंग तक
अमृतसर निवासी डोनी बल पर 10 लाख रुपये का इनाम है। पुलिस के अनुसार वह फिलहाल गोपी घनश्यामपुरिया गैंग को संचालित कर रहा है और ट्राइसिटी में उसका नेटवर्क सक्रिय है। सेक्टर-37 के एक शराब ठेकेदार से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में उसका नाम सामने आया था। इसके अलावा पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र नेता जश्नदीप सिंह जवंधा पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी भी डोनी बल और शाहनप्रीत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली थी। मोहाली में कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हुए राणा बलाचौरिया हत्याकांड में भी इन दोनों के नाम सामने आए थे।
लक्की पटियाल : कई हाईप्रोफाइल हत्याकांडों से जुड़ा नाम
चंडीगढ़ के खुड्डा लाहौरा के रहने वाले गौरव पटियाल उर्फ लक्की पटियाल पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित है। बंबीहा गैंग से जुड़े लक्की पटियाल ने इंडस्ट्रियल एरिया में हुई गुरलाल बराड़ की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। इसके अलावा सेक्टर-38 में सुरजीत बाउंसर हत्याकांड और हाल ही में सेक्टर-9 में चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी की हत्या की जिम्मेदारी भी सोशल मीडिया के जरिए लक्की पटियाल ने ली थी।
पांच लाख का इनामी आदित्य कपूर गिरफ्तार
राणा बलाचौरिया हत्याकांड में शामिल पांच लाख रुपये के इनामी गैंगस्टर आदित्य कपूर को पंजाब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने तीन मई को त्रिपुरा से गिरफ्तार किया था। पुलिस अब उसके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों से जुड़े इनपुट खंगाल रही है।