चंडीगढ़ के दक्षिण मार्ग और पूर्व मार्ग पर जीरकपुर से ट्रिब्यून चौक तक बनने वाले फ्लाईओवर के कारण 475 पेड़ों को काटे जाने पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट पहले ही रोक लगा चुका है।
बुधवार को मामले की सुनवाई शुरू होते ही याचिकाकर्ता संस्था रन कल्ब ने आरोप लगाया कि मंगलवार को टेक्निकल कमेटी ने पब्लिक हियरिंग के दौरान एक और प्रस्ताव को बगैर गौर किए अनुचित तरीके से खारिज कर दिया।
सुनवाई शुरू होते ही रन क्लब की ओर से आरोप लगाया गया कि इस फ्लाईओवर के विकल्प पर गौर करने की बजाय प्रशासन अपनी बात पर अड़ा है। हाईकोर्ट के आदेश पर जो टेक्निकल कमेटी बनाई गई है उसने मंगलवार को हुई पब्लिक हियरिंग में उनके प्रस्ताव पर सही तरीके से गौर ही नहीं किया, बल्कि उनके साथ बदतमीजी भी की।
इस पर चंडीगढ़ के सीनियर स्टैंडिंग पंकज जैन ने कहा कि अभी प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया ही नहीं गया है, उन्हें थोड़ा और समय दिया जाए। वह अगली सुनवाई पर इस विषय में अब तक की गई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर देंगे। इस पर चीफ जस्टिस रवि शंकर झा एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने सुनवाई 26 मार्च तक स्थगित कर दी।
पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट इस फ्लाईओवर के लिए पेड़ों की कटाई करने पर रोक लगा चुका है। सैकड़ों पेड़ों के काटे जाने पर चिंता जताते हुए कहा था कि पर्यावरण एक महत्वपूर्ण मामला है। लिहाजा पहले यहां की ट्रैफिक की समस्या के लिए फ्लाईओवर के अलावा कोई अन्य विकल्प है तो उस पर भी गौर किया जाना बेहद जरूरी है, तांकि इन सैकड़ों पेड़ों को बलि दिए जाने से बचाया जा सके।