चंडीगढ़। सड़क हादसे में घायल हुए चंडीगढ़ पुलिस के कर्मचारी सत्यवीर सिंह को मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने 10 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा देने का निर्देश दिया। ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को यह राशि 15 दिनों के अंदर देने के लिए कहा।
बता दें कि सेक्टर 26 निवासी सत्यवीर सिंह ने कैथल निवासी दो भाइयों नरेश और राजेश कुमार के खिलाफ शिकायत करवाई थी।
उन्होंने बताया कि वह 27 अप्रैल 2018 को जींद से चंडीगढ़ अपनी अल्टो कार से आ रहे थे। इस दौरान जैसे ही वह कौडक गांव के पास पहुंचे तो गलत साइड से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनको टक्कर मार दी। कार को नरेश चला रहे थे। इसमें वह बुरी तरह से घायल हो गए। वहीं सत्यवीर का दाहिना पैर भी 45 प्रतिशत विकलांग हो गया है।
उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया। 17 जुलाई 2018 तक वह हॉस्पिटल में रहे। उन्होंने कहा कि दोनों भाई तेजरफ्तार और लापरवाही गाड़ी चला रहे थे। इस कारण दुर्घटना हुई। उन्होंने दोनों भाईयों और बीमा कंपनी से 75 लाख रुपये की मांग की। इस पर दोनों भाइयों ने कहा कि उनकी तरफ से गाड़ी चलाने में कोई भी लापरवाही नहीं बरती गई है। वहीं बीमा कंपनी ने कहा कि हादसे के समय ड्राइवर के पास लाइसेंस नहीं था। इसके साथ उन्होंने मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का उल्लंघन भी किया था। अदालत ने आदेश दिया कि सत्यवीर पुलिस विभाग में है, उन्हें पूरा वेतन मिल रहा है। इस कारण उन्हें मुआवजे के तौर पर 10,09,511 रुपये दिया जाए।