पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रोफेसर विरेंद्र सिंह के बाद अब उनके एक और करीबी जयदीप धनखड़ पर राजद्रोह का केस दर्ज किया गया है। कांग्रेस के पूर्व ग्रामीण जिलाध्यक्ष रहे धनखड़ को विरेंद्र सिंह की कॉल डिटेल के आधार पर राजद्रोह का आरोपी बनाया गया है।
पुलिस का दावा है कि जिस विवादित ऑडियो टेप में प्रोफेसर सिरसा में जाम लगवाने की बात कर रहे हैं, प्रोफेसर ने वह कॉल धनखड़ के मोबाइल से ही की थी। बातचीत के लिए विरेंद्र ने अपना मोबाइल प्रयोग नहीं किया था।
मामले की जांच कर रही एसआईटी के डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि एफआईआर में अभी तीन आरोपी नामजद हो गए हैं। प्रो. विरेंद्र सिंह और कैप्टन मानसिंह पहले ही आरोपी बनाए जा चुके हैं। धनखड़ को नामजद करने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए रणनीति बना ली गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। डीएसपी ने बताया कि आरोपी विरेंद्र सिंह की रिमांड के दौरान उनसे मोबाइल पर बात करने वाले लोगों की कॉल डिटेल के आधार पर नोटिस भेज गए थे।
इनमें जयदीप धनखड़ का नाम भी था। माना जा रहा है कि कांग्रेस के अन्य लोगों पर भी गाज गिरना तय है। जिन लोगों ने उपद्रव के दौरान विरेंद्र सिंह से मोबाइल पर बात की है, उनके नाम भी एफआईआर में शामिल किए जा सकते हैं। बता दें कि प्रोफेसर राजद्रोह के आरोपी प्रोफेसर विरेंद्र जमानत पर बाहर आ चुके हैं, जबकि बीमारी का हवाला देने वाला कैप्टन मान सिंह को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। अब देखना होगा कि पुलिस धनखड़ तक कैसे पहुंचती है।