चंडीगढ़। 30 जनवरी को हुए मेयर चुनाव में हारने के बाद शुक्रवार को पहली बार पार्षद प्रेमलता ने नगर निगम की सदन की बैठक में अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्षदों पर निशाना साधते हुए अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं को गद्दार करार दिया और कहा कि भगवान ही उनका इंसाफ करेगा।
सदन की बैठक के दौरान भाजपा पार्षद सौरभ जोशी ने कहा कि चुनाव में आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने अपनी ही महिला उम्मीदवार को चुनाव में हरा दिया। इसका जवाब देने के लिए प्रेमलता खड़ी हुईं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें ईमानदारी से उम्मीदवार बनाया। उन सभी पार्षदों का धन्यवाद, जिन्होंने वोट दिया। कहा कि वो भी जानती हैं कि गद्दार उनकी पार्टी में से ही कुछ पार्षद हैं। उनकी पहचान पार्टी के वरिष्ठ नेता कर रहे हैं और वही सजा भी देंगे।
उन्होंने सबकुछ भगवान पर छोड़ दिया है कि भगवान ही गद्दारों का इंसाफ करेंगे। कहा कि वह हार कर भी नहीं रोईं थी। वह पहले भी अकेली चंडीगढ़ में घूमती थी और आगे भी घूमती रहेंगी। कहा कि गलत तो भाजपा के उम्मीदवारों के साथ भी हुआ है। दो वोट उनके भी क्रॉस हुए हैं। हरप्रीत कौर बबला को बधाई देते हुए कहा कि वह उनके साथ मिलकर शहर के विकास को आगे बढ़ाएंगी लेकिन अगर वह कुछ गलत करेंगी तो सबसे पहले विरोध भी वही करेंगी।